
Sarfaraz Khan Team India: कहीं टूट ना जाए सरफराज खान का सपना... इन 5 धुरंधरों को भी नहीं मिला था टीम इंडिया में मौका
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सरफराज खान को टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने के बाद क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है. हर क्रिकेटर की तरह सरफराज का भी सपना अपने देश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का है. इतिहास गवाह रहा कि कई बार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद प्लेयर्स टीम में जगह बना नहीं पाते हैं.
टीम इंडिया को अगले महीने विंडीज के दौरे पर जाना है. इस दौरे पर भारत को दो टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने कुछ दिनों पहले टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान भी कर दिया था. टेस्ट टीम में यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ को पहली बार जगह मिल गई, लेकिन मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को फिर से निराशा हाथ लगी.
25 साल के सरफराज खान का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में गजब का रिकॉर्ड रहा है. सरफराज ने अबतक 37 फर्स्ट क्लास मैचों में 3505 रन बनाए हैं, जिसमें 13 शतक और 9 अर्धशतक निकले. सरफराज का उच्चतम स्कोर नाबाद 301 और औसत 79.65 का है. कमाल की बात ये है कि पिछले तीन रणजी ट्रॉफी सीजन को मिलाकर सरफराज का एवरेज 100 से ऊपर का रहा है. ऐसे में सरफराज का टीम में नहीं चुना जाना काफी आश्चर्यजनक है.
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हर क्रिकेटर का ख्वाब रहता है कि वो अपने देश का प्रतिनिधित्व करे, सरफराज खान का भी यही सपना है. हालांकि कई बार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद खिलाड़ी टीम में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाते हैं. इतिहास में झांककर देखें तो कुछ क्रिकेटर तो ऐसे भी रहे जिन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान घरेलू टूर्नामेंट्स में शानदार खेल दिखाया, लेकिन वे टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच अनलकी भारतीय क्रिकेटर्स के बारे में...
अमोल मजूमदार: मुंबई के क्रिकेटर अमोल मजूमदार ने घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाए, लेकिन उन्हें कभी भी भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 171 फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैचों में 48.13 की औसत से 11,167 रन बनाए, जिसमें 30 शतक शामिल रहे. मजूमदार रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन (9205) बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. मजूमदार ने क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद कोंचिंग को करियर बना लिया. मजूमदार फिलहाल मुंबई की टीम के हेड कोच हैं.
राजिंदर गोयल: हरियाणा के राजिंदर गोयल उन भारतीय गेंदबाजों में से एक थे, जिन्हें कभी इंटरनेशनल कैप नहीं मिली. राजिंदर ने 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 18.58 की औसत और 2.10 की इकोनॉमी रेट से 750 विकेट लिए. बाएं हाथ का यह स्पिनर उस दौर में खेला करता था, जब मशहूर स्पिन चौकड़ी (बेदी, प्रसन्ना, वेंकटराघवन और चंद्रशेखर) टीम इंडिया का हिस्सा हुआ करती थी. शायद इसी वजह से राजिंदर गोयल को भी कभी भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. राजिंदर गोयल के नाम रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड है. उन्होंने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 637 विकेट चटकाए थे.

शुभमन गिल ने भारत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. उन्होंने कुल 7 पारियों में गिल ने 578 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 115.6 का रहा है, जो उनकी निरंतरता दिखाता है. स्ट्राइक रेट 115.36 रहा, यानी रन भी तेजी से आए. राजकोट में शुक्रवार की पारी 56 रन (53 गेंद) ने एक बार फिर उनकी फॉर्म साबित की.












