
Samsung ने बनाई iPhone की 'बेकार कॉपी', फिर छलका ऐपल का दर्द, 7 साल चली थी लड़ाई
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सैमसंग और ऐपल दोनों पेटेंट उल्लंघन की एक लंबी जंग लड़ चुके हैं. दोनों कंपनियों ने साल 2018 में इस केस को सेटल कर लिया था. मगर आज भी ऐपल एक्जीक्यूटिव्स को इसका दर्द सता रहा है. आइए जानते हैं क्या हो वो पुराना किस्सा, जो एक बार फिर चर्चा में है.
29 जून, 2007...! ऐपल ने लोगों को फोन की एक नई दुनिया यानी iPhone दिखाई. आज से 15 साल पहले ऐपल ने अपना पहला आईफोन लॉन्च किया था. आईफोन की 15वीं सालगिरह पर The Wall Street Journal ने एक नई डॉक्यूमेंट्री शेयर की.
वैसे तो इस डॉक्यूमेंट्री में आईफोन की यादों का पिटारा है. पिटारा जिसमें ऐपल के मार्केटिंग चीफ Greg Joswiak, आईफोन के को-क्रिएटर Tony Fadell और आईफोन यूजर्स की एक फैमिली के इंटरव्यू को संयोजा गया है.
हम सभी जानते हैं पुराने यादें सिर्फ अच्छी नहीं होती हैं. इनके साथ कुछ ऐसे लम्हें भी आते हैं, जो लोगों के जेहन में घाव कर देते हैं. ऐसा ही एक वाकया फिर से चर्चा में है.
इंटरव्यू के एक सेगमेंट में एंड्रॉयड बनाम iPhone की पुरानी जंग की झलक देखने को मिली. ये वो वक्त था जब एंड्रॉयड फोन्स बड़ी डिस्प्ले के साथ आने लगे थे और iPhone में छोटी स्क्रीन ही मिलती थी.
इस बारे में Greg Joswiak से पूछा गया कि सैमसंग और दूसरे एंड्रॉयड स्मार्टफोन मेकर्स का iPhone पर कितना प्रभाव पड़ा. Joswiak ने कहा कि उस वक्त वे 'चिढ़ पैदा करने वाले' थे और उन्होंने ऐपल की टेक्नलॉजी को बुरी तरह से कॉपी किया.
Joswiak ने बताया, 'वे चिढ़ पैदा करते थे क्योंकि आप जानते हैं, उन्होंने हमारी टेक्नोलॉजी को बर्बाद किया था. उन्होंने उस इनोवेशन को लिया और उसकी एक खराब कॉपी बनाई. केवल एक बड़ी स्क्रीन लगाकर.'

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