
Russia Ukraine war protest: यूक्रेन पर रूस के हमलों का विरोध, बर्लिन में 1 लाख लोगों ने निकाला मार्च
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बर्लिन में 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए. ये लोग यूक्रेन पर रूस के हमले का विरोध कर रहे थे. विरोध प्रदर्शन के चलते जर्मनी की राजधानी बर्लिन में कई जगहों पर ट्रेन और अन्य सर्विस भी प्रभावित रहीं.
यूक्रेन पर रूस के हमले गुरुवार (24 जनवरी) से लगातार जारी हैं. यूक्रेन के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 198 नागरिकों की मौत हो गई. यूक्रेन पर हमले को लेकर दुनियाभर में रूस का विरोध हो रहा है. यहां तक कि रूस के शहरों में भी लोग सड़कों पर उतरकर अपने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस कदम का विरोध कर रहे हैं. A pro-Ukraine rally was held in front of the White House on Feb 27, urging Russian President Vladimir Putin to call off #RussiaUkraineConflict; also calling on US President Joe Biden to take stronger actions. pic.twitter.com/UklbmX5J6A

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











