
Russia-Ukraine War: 82 दिन बाद मारियुपोल पर रूस का कब्जा, क्यों पुतिन के लिए ये बड़ी जीत है?
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Russia-Ukraine War: यूक्रेन के दक्षिण में स्थित मारियुपोल पर रूसी सेना ने कब्जा कर लिया है. 82 दिन तक चली लड़ाई के बाद मारियुपोल में यूक्रेनी सेना की आखिरी टुकड़ी ने रूसी सेना के सामने सरेंडर कर दिया है.
Russia-Ukraine War: रूस के साथ जंग में यूक्रेन ने दक्षिण का एक किला गंवा दिया है. 82 दिनों से रूसी सेना के हमलों को झेल रहा मारियुपोल अब यूक्रेन के हाथ से निकल गया है. दावा किया जा रहा है कि मारियुपोल के अजोवस्तल स्टील प्लांट में यूक्रेनी सेना की आखिरी टुकड़ी ने रूसी सेना के सामने सरेंडर कर दिया है. स्टील प्लांट में महीनों से 260 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक बंद थे और यहीं से रूसी सेना पर जवाबी हमले कर रहे थे.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने 24 फरवरी को जब यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया, तो पहले ही दिन मारियुपोल पर रूसी सेना के ताबड़तोड़ हमले जारी थे. रूसी सेना के हमलों में मारियुपोल पूरी तरह खंडहर में बदल गया है. इतने दिनों की भीषण जंग के बाद मारियुपोल पर रूसी सेना का कब्जा पुतिन के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है. मारियुपोल पर कब्जे के बाद अब रूसी सेना के पास अजोव सागर से लेकर खारकीव तक एक बड़ा इलाका कब्जे में है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अजोवस्तल स्टील प्लांट में 260 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक मौजूद थे. इनमें से ज्यादातर बुरी तरह घायल थे. रूसी सेना के सामने सरेंडर करने के बाद कई यूक्रेनी सैनिकों को स्ट्रेचर पर ले जाया गया. इसके अलावा सात बसों के जरिए यूक्रेनी सैनिकों को मारियुपोल के स्टील प्लांट से 88 किलोमीटर दूर ओलेनिव्का शहर की एक कॉलोनी में ले जाया गया.
रूस ने इसे सरेंडर कहा है तो वहां यूक्रेन का कहना है कि उसने अपने सैनिकों की जान बचाने के लिए ऐसा किया. यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनीकोव ने कहा कि उनकी जान बचाने के लिए ये किया गया. यूक्रेन को उनकी जरूरत है.
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खंडहर में बदल चुका है मारियुपोल

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