
Russia-Ukraine war: रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से जर्मनी में हो सकती है गैस की भारी किल्लत, जानें वजह
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Russia-Ukraine war: यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच गैस की कीमत यूरोप में 21 दिसंबर 2021 के बाद फिर से 2,000 डॉलर 1000 क्यूबिक मीटर के पास जा पहुंची है. गैस के दामों में उछाल है तो कच्चे तेल के दाम भी 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है.
यूक्रेन के साथ जारी युद्ध का खामियाजा जर्मनी को भुगतना पड़ सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस (Russia-Ukraine War) ने यूरोप की गैस पाइपलाइन को बंद कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने यमल-यूरोप पाइपलाइन के माध्यम (Gas Pipeline) से जर्मनी में वेस्टबाउंड गैस पाइप लाइन की सर्विस को बंद कर दिया है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











