
Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन-अमेरिका सबकी अपनी शर्तें, कैसे बनेगी बात?
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35 दिन बाद भी रूस और यूक्रेन में अविश्वास की दीवार इतनी गहरी दिख रही कि युद्धविराम के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं. रूस ने कीव पर हमले की रफ्तार घटाने का वादा तो किया लेकिन इस वादे पर जेलेंस्की और बाइडेन दोनों को रत्ती भर भरोसा नहीं है. यूक्रेन के शहर एक के बाद एक तबाह हो रहे हैं और शायद इसलिए यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की रूस पर एतबार करने को तैयार नहीं हैं. टर्की में रूस और यूक्रेन के बीच उम्मीदों से भरी बातचीत के बाद हालत ये है कि जेलेंस्की सैन्य गतिविधियां रोकने को राजी नहीं हैं. रूस कह रहा है कि हमने तैनाती घटाई है, युद्धविराम नहीं किया है और अमेरिका कह रहा है रूस सिर्फ पोजीशन बदल रहा है, हकीकत में सेना कम नहीं कर रहा. देखें ये रिपोर्ट.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











