
Russia-Ukraine War: रूसी हमले के खिलाफ UNSC में वोटिंग, मॉस्को करेगा प्रस्ताव का विरोध!
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UNSC संयुक्त राष्ट्र की सबसे पावरफुल संस्था है. इस पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में किसी भी बदलाव को मंजूरी देने की जिम्मेदारी है. रूस 15-सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का वर्तमान अध्यक्ष है और उसके पास भी वीटो पावर है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और अल्बानिया द्वारा पेश किए गए उस मसौदा प्रस्ताव पर मतदान होगा, जो रूस की आक्रामकता, आक्रमण और यूक्रेन की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करता है. हालांकि मॉस्को इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल कर सकता है. मसौदा प्रस्ताव के दो दिन बाद यूक्रेन की स्थिति पर एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई जाएगी.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











