
Russia-Ukraine War: यूक्रेन से महज 50KM दूर होंगे बाइडेन, आग में घी तो नहीं डाल देगा अमेरिकी राष्ट्रपति का पोलैंड दौरा?
AajTak
Russia-Ukraine War: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन आज पोलैंड के Rzeszow शहर जा रहे हैं. यह यूक्रेन की सीमा से महज 50 किलोमीटर दूर है. रूस संकट के बीच बाइडेन का यह दौरा काफी अहम है.
Russia Ukraine News: रूस को घेरने की प्लानिंग के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन आज शुक्रवार को पोलैंड पहुंच रहे हैं. पोलैंड यूक्रेन को पड़ोसी देश है. बाइडेन के इस दौरे पर इसलिए भी नजर है कि क्योंकि पोलैंड के जिस Rzeszow शहर में बाइडेन जा रहे हैं, वह यूक्रेनी सीमा से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर है.
इससे पहले बाइडेन बेल्जियम के ब्रसेल्स में जी-7, नाटो और यूरोपीय संघ के नेताओं से मिले थे. यहां भी यूक्रेन संकट पर बात हुई थी. अब जानकारी के मुताबिक, बाइडेन दोपहर में पोलैंड पहुंचेंगे. उनको पोलैंड के राष्ट्रपति Andrzej Duda रिसीव करेंगे. यूक्रेन से करीब 20 लाख लोग भागकर पोलैंड आ गए हैं. उनको क्या मानवीय सहायता दी जा रही है, यह भी बाइडेन देखेंगे. इसके अलावा पोलैंड में तैनात अमेरिकी फोर्स से भी बाइडेन बात करेंगे.
जो बाइडेन (Joe Biden) के आने से पहले अमेरिका की ओर से संकेत दिया जा रहा है कि NATO भले ही अपनी सेना यूक्रेन न भेजे, लेकिन नाटो का कोई देश यूक्रेन में अपनी शांति सेना भेज सकता है.
दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध में झोंक सकता है बाइडेन का दौरा!
नाटो से दोस्ती करने के फेर में जेलेंस्की अपने ही मुल्क की ईंट से ईंट बजा चुके हैं. फिर भी उनका नाटो प्रेम कम होने का नाम नहीं ले रहा. जेलेंस्की की इसी जिद से रूस के साथ समझौते की गुंजाइश और कम नजर आ रही है. अब सबसे नजरें जो बाइडेन के पोलैंड दौरे पर हैं. जिनकी रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध में झोंक सकती है.
दरअसल, पुतिन को लेकर बाइडेन जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे है, उससे पुतिन भड़के हुए हैं. ऐसे में सवाल ये है कि जब रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत की कोशिशें हो रही हैं तब अमेरिकी राष्ट्रपति का ये दौरा कहीं आग में घी डालने वाला तो साबित नहीं होगा.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












