
Russia-Ukraine War: यूक्रेन में भारी संख्या में टैंक ला रहा है रूस, जानिए कितने घातक हैं
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यूक्रेन पर रूस के हमलों का कहर जारी है. वहीं रूस इसी कोशिश में लगा है कि कैसे भारी संख्या में कीव में टैंक लाए जाएं और राजधानी पर कब्जा किया जा सके. रूस के टैंकों की मारक क्षमता पर एक नज़र डाल लेते हैं.
यूक्रेन-रूस संघर्ष में रूसी सेना ने अब तक बड़े पैमाने पर हवाई हवाई हमले किए हैं. जिससे जमीनी सैनिकों के लिए रास्ता बन सके, और यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा किया जा सके. रूसी सेना का अगला आक्रामक कदम भारी संख्या में टैंक लाना है. हवाई ऑपरेशन ने सैन्य ठिकानों और ऊंची इमारतों को निशाना बनाया है. रूसी सेना ने अभी तक यूक्रेन में टैंक हमलों की सूचना नहीं दी है, लेकिन ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि कीव की तरफ रूसी टैंको का बढ़ना शुरू हो गया है. एक वीडियो में दिख रहा है कि उत्तरी यूक्रेन में, यूक्रेन के नागरिकों ने एक टैंक काफिले को रोक दिया है. Locals line up and block the convoy of Russian tanks in Ukraine's Chernihiv region. (@gauravcsawant)#Ukraine #Russia @ShivAroor pic.twitter.com/2LleoffAX7 Unbelievable video. The Ukrainian guy asks them if they want him to tow them back to Russia https://t.co/cn4RTPKu1Q The russian army has deployed the TOS-1 heavy flamethrower which shoots thermobaric rockets, the was South of Belgorod. pic.twitter.com/XCxMI3bNB3 #Ukraine under #Russian attack Ukrainian soldiers destroy Russian tanks pic.twitter.com/9sXykC8DKv

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








