
Russia-Ukraine War: यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र, बोले- सिर्फ 7 दिन का बचा है राशन
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Russia-Ukraine War: यूक्रेन में तेजी से हालात बदल रहे हैं. फिलहाल, यूक्रेन में कई छात्रों समेत भारतीय फंसे हुए हैं. बिहार के छात्र आर्यन यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि बुधवार को हालात ठीक थे लेकिन रातों-रात हालात बदल गए हैं. आर्यन ने यूक्रेन के ताजा हालातों के बारे में आजतक से बातचीत की.
यूक्रेन पर रूस हमला कर चुका है. भारत सरकार ने इसके पहले यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को निकालने की कोशिश भी की, लेकिन हमले के बाद अब यूक्रेन से फिलहाल भारत लौट आना वहां फंसे भारतीयों के लिए आसान नहीं है. आजतक की बातचीत यूक्रेन में फंसे एक भारतीय छात्र से हुई. आर्यन बिहार के रहने वाले हैं और वह यूक्रेन के डनिप्रो (Denipro) शहर के डनिप्रो स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Denipro State Medical University) से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने आजतक के साथ खास बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों के बारे में बताया और कहा कि मोदी से बात करने के लिए उन्हें सोशल मीडिया की आवश्यकता नहीं होती, वे सीधे फोन पर बात कर लेते हैं. डोनाल्ड ट्रंप पर हल्के तंज भी उन्होंने दिए. साथ ही, महात्मा गांधी को अपने जीवन का आदर्श भी बताया जो उनके दृष्टिकोण और जीवनशैली का प्रतीक है.

मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.










