
Russia-Ukraine War: जंग के 14वें दिन कहां खड़े हैं रूस और यूक्रेन? समझिए
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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, जो शुरुआत में आत्मविश्वास से लबरेज दिखते थे 13 दिन के हमलों ने सिर्फ यूक्रेन को ही नहीं, बल्कि उन्हें भी अंदर से बुरी तरह हिलाकर रख दिया है. अब जेलेंस्की के सिर से युद्ध का खुमार ही नहीं बल्कि नाटो की सदस्यता पाने का बुखार भी उतर चुका है. यानी जिस नाटो की सदस्यता के लिए जेलेंस्की ने यूक्रेन को युद्ध के मैदान में धकेल दिया. उसी नाटो से जेलेंस्की का मोहभंग हो चुका है. 14 दिन के बाद यूक्रेन में इतनी तबाही हुई है जिसकी कोई सीमा ही नहीं है. सबसे खूबसूरत देशों में शुमार यूक्रेन अब खंडहर बन चुका है. ऐसे में रूस और यूक्रेन का स्टैंड अभी क्या है, समझें.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












