
Russia-China: अमेरिका और बाइडेन हो रहे नाकाम, रूस-चीन हुए बेलगाम! देखें रिपोर्ट
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नाटो देश पोलैंड की सीमा के करीब हमला करके पुतिन ने अपने इरादे जता दिए हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि पुतिन को कौन रोकेगा? इस सवाल पर सबसे पहले नजरें अमेरिका पर टिक जाती हैं जिसके पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, आधुनिक और खतरनाक हथियार हैं. वो सबकुछ है जो उसे दुनिया की सुपर पावर बनाता है. वैसे भी दूसरे विश्व युद्ध के खात्मे की वजह अमेरिका ही था जिसने जापान पर एटम बम बरसाकर दुनिया पर अपनी बादशाहत कायम कर ली. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से बाइडेन अमेरिका में कटघरे में हैं. उनकी सरकार का सुस्त रवैया और इरादों पर उनके ही लोग सवाल उठा रहे हैं. देखें ये रिपोर्ट.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











