
Robin Uthappa Arrest Warrant: रॉबिन उथप्पा ने धोखाधड़ी मामले में तोड़ी चुप्पी... अरेस्ट वारंट जारी होने पर दी सफाई
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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेट रॉबिन उथप्पा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. उथप्पा ने अब इन मामलों में अपनी चुप्पी तोड़ी है. उथप्पा ने स्पष्ट किया कि वो इन कंपनियों में कार्यकारी भूमिका में नहीं हैं. उथप्पा ने कहा कि उन्होंने ऋण के तौर पर इन कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान की थी.
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया था. उथप्पा को कथित तौर पर भविष्य निधि (PF) में धोखाधड़ी के लिए यह वारंट जारी किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक उथप्पा सेंटॉरस लाइफस्टाइल ब्रांड प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में हिस्सेदार हैं. यह कंपनी कर्मचारियों के वेतन से काटे गए रुपये उनके पीएफ खातों में जमा करने में विफल रही, जिसके कारण लगभग 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई.
रॉबिन उथप्पा ने पूरे मामले पर तोड़ी चुप्पी
अब रॉबिन उथप्पा को बकाया चुकाने के लिए 27 दिसंबर तक का समय दिया गया है. अन्यथा उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है. वारंट पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त शदाक्षरी गोपाल रेड्डी ने जारी किया हालांकि, इसे पीएफ कार्यालय को वापस कर दिया गया क्योंकि उथप्पा कथित तौर पर अब अपने पिछले पते पर नहीं रहते हैं. अधिकारी अब जांच को आगे बढ़ाने और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उथप्पा के ठिकाने का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं.
अब रॉबिन उथप्पा ने इस पूरे विवाद पर बात की है. उथप्पा ने स्ट्रॉबेरी लेनसेरिया प्राइवेट लिमिटेड, सेंटॉरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड और बेरीज फैशन हाउस के साथ अपने संबंधों को स्पष्ट किया. उथप्पा ने स्पष्ट किया कि वो इन कंपनियों में कार्यकारी भूमिका (Executive Role) में नहीं हैं. हालांकि उथप्पा ने जरूर कहा कि उन्होंने ऋण के तौर पर इन कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान की थी.
उथप्पा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "पीएफ मामले की हालिया खबरों के सामने आने के बाद, मैं स्ट्रॉबेरी लेनसेरिया प्राइवेट लिमिटेड, सेंटॉरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड और बेरीज फैशन हाउस के साथ अपनी भागीदारी के संबंध में कुछ स्पष्टीकरण देना चाहूंगा.मुझे 2018-19 में इन कंपनियों में निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था क्योंकि मैंने ऋण के तौर इन कंपनियों को वित्तीय सहायता दी थी. हालांकि, मेरे पास सक्रिय कार्यकारी भूमिका नहीं थी, न ही मैं इन बिजनेस के प्रतिदिन के संचालन में शामिल था. एक प्रोफेशनल क्रिकेटर, टीवी प्रेजेंटर और कमेंटेटर के रूप में व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए मेरे पास इसमें भाग लेने के लिए समय नहीं था. सच कहूं तो, मैंने आज तक जिन अन्य कंपनियों को ऋण दिया है, उनमें मैं कार्यकारी भूमिका नहीं निभाता हूं."
उथप्पा कहते हैं, "दुर्भाग्य से ये कंपनियां मेरी तरफ से उधार दिए गए धन को चुकाने में विफल रहीं, जिसके कारण मुझे कानूनी कार्यवाही शुरू करनी पड़ी, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है. मैंने कई वर्ष पहले अपने निदेशक पद से भी इस्तीफा दे दिया था. जब PF अधिकारियों ने बकाया भुगतान की मांग करते हुए नोटिस जारी किए, तो मेरी कानूनी टीम ने जवाब दिया. जिसमें बताया गया कि इन कंपनियों में मेरी कोई भूमिका नहीं है और कंपनियों की ओर से खुद ही मेरी संलिप्तता न होने की पुष्टि करने वाले दस्तावेज भी उपलब्ध कराए."

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