
'Rebuild Babri Masjid...' JNU की दीवारों पर फिर लिखा गया विवादित स्लोगन
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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लैंग्वेज 2 की बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर की दीवार पर Rebuild Babri Masjid 6 December और उसके नीचे NSUI लिखा है. एनएसयूआई के जेएनयू इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शेखर ने कहा कि संगठन को बदनाम करने की साजिश की जा रही है. जबकि ऐसे स्लोगन पर कड़ी कार्रवाई की मांग जेएनयू प्रशासन से हम करते रहे हैं.
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एक बार फिर हेट स्पीच का मामला सामने आया है. स्कूल ऑफ लैंग्वेज 2 की बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर की दीवार पर लिखा Rebuild Babri Masjid 6 December और उसके नीचे NSUI लिखा है. यह ऐसे समय पर लिखा गया है जब अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है.
एनएसयूआई के जेएनयू इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शेखर ने कहा कि संगठन का नाम काले मार्कर से पहले ही लिखा गया था. स्लोगन रेड मार्कर से बाद में लिखे गए हैं. हमारे संगठन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. जबकि ऐसे स्लोगन पर कड़ी कार्रवाई की मांग जेएनयू प्रशासन से हम करते रहे हैं. लेकिन, जेएनयू प्रशासन ऐसे मामलों में जांच को आगे नहीं बढ़ाता है. जबकि भाषा अध्ययन केंद्र के नीचे सीसीटीवी लगे हैं, उनके फुटेज खंगालकर भी आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है.
JNU की दीवारों पर फिर लिखे गए विवादित स्लोगन
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले मुख्य प्रॉक्टर ने ऐसे विवादित स्लोगन लिखने पर 10 हजार रुपये तक का फाइन किया है. बावजूद इसके ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. जेएनयू एनएसयूआई के इंचार्ज विनय कुमार यादव का कहना है कि एक बार फिर से कहीं ना कहीं कैंपस में इस तरह के हेट स्पीच लिखकर कैंपस को बदनाम करने की कोशिश की गई है.
NSUI के छात्र बोले- संगठन को बदनाम करने की साजिश
ये कोई पहला मौका नहीं है, जब जेएनयू कैंपस में दीवारों पर स्लोगन लिखे जाने की घटना हुई है. इस पर ABVP और NSUI से जुड़े छात्र नेता एक दूसरे के सामने आ चुके हैं, लेकिन अभी तक जेएनयू प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है.

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