
Ramadan 2022: देश में आज दिखाई देगा रमज़ान का चांद, भारत में 3 अप्रैल को पहला रोज़ा
AajTak
भारत में आज (शनिवार) यानी 03 अप्रैल को रमजान का चांद दिखाई देगा. इसके बाद देशभर में रविवार, 3 अप्रैल को पहला रोजा रखा जाएगा. लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो चुके हैं और रमजान का महीना 3 अप्रैल से शुरू हो रहा है. भारत में आज (शनिवार), 2 अप्रैल को रमजान का चांद दिखाई देगा. इसके बाद देशभर में रविवार, 3 अप्रैल को पहला रोजा रखा जाएगा. लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
उन्होंने कहा कि रमजान पर 2 साल बाद हम लोग आजादी की तरह खुशी मनाएंगे. लोगों ने कोविड-19 के चलते दो साल तक रमजान खुलकर सेलिब्रेट नहीं किया था. मौलाना ने बताया कि इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और प्रशासन के बीच एक मीटिंग भी हुई है, जिसमें तमाम जगहों पर साफ-सफाई के बंदोबस्त की बात कही गई. गर्मी ज्यादा होने की वजह से पानी के इंतजाम पर भी जोर दिया जा रहा है.
सभी रोजा रखने वालों से अपील है कि 2 साल बाद मस्जिद में जो इफ्तार होगा, उसमें जरूर शामिल हों. अल्लाह से अपने मुल्क की हिफाजत की दुआ करें. बता दें कि रमजान के पाक महीने में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं. रमजान को इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना माना जाता है.
कैसे शुरू हुई रोजा रखने की परंपरा? इस्लाम में रोजा रखने की परंपरा दूसरी हिजरी में शुरू हुई है. मुहम्मद साहब मक्के से हिजरत (प्रवासन) कर मदीना पहुंचने के एक साल के बाद मुसलमानों को रोजा रखने का हुक्म आया. इस तरह से दूसरी हिजरी में रोजा रखने की परंपरा इस्लाम में शुरू हुई. हालांकि, दुनिया के तमाम धर्मों में रोजा रखने की अपनी परंपरा है. ईसाई, यहूदी और हिंदू समुदाय में अपने-अपने तरीके से रोजा रखा जाता है.

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












