
Pro Palestine Protests: अमेरिका से यूरोप तक... फिलिस्तीन के समर्थन में सड़कों पर उतरा जनसैलाब, देखें PHOTOS
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इजरायल और हमास के बीच युद्ध का गुरुवार को 13वां दिन है. बीते सात अक्टूबर को फिलिस्तीनी आर्म्स ग्रुप हमास ने गाजा पट्टी से रॉकेट हमलों की झड़ी लगा दी थी. ये हमले इजरायल पर किए गए थे. हमास ने हमलों की जिम्मेदारी ली और इसे इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बताया. हमास ने गाजा पट्टी से करीब 20 मिनट में 5,000 रॉकेट दागे थे.
इजरायल और हमास जंग का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. फिलिस्तीन के समर्थन में अमेरिका और यूरोप में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. दुनियाभर के कई देशों में इजरायल के विरोध और फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शनकारी गाजा में हिंसा समाप्त करने की मांग कर रहे हैं और फिलिस्तीनी लोगों के साथ खड़े हैं.
यहूदी संगठनों के सदस्य सहित हजारों फिलिस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारी बुधवार को वॉशिंगटन के कैपिटल हिल में सड़कों पर उतर आए. उन्होंने इजरायल और हमास जंग तत्काल बंद करने की मांग की.
लॉस एंजेलिस में इजरायली दूतावास के बाहर भी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन हुए, जहां इजरायल के विरोध में नारेबाजी की गई. इस दौरान प्रदर्शनकारी और प्रशासन के बीच टकराव भी देखने को मिला. लॉस एजेंलिस टाइम्स के एक फोटोग्राफर घायल हो गया. न्यूयॉर्क टाइम्स के टाइम्स स्क्वायर में फिलिस्तीन के समर्थन में हजारों लोगों ने मार्च किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन की आजादी के प्लेकार्ड थामे हुए थे और गाजा पर इजरायली एयरस्ट्राइक बंद करने की मांग कर रहे थे. कई प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन के झंडे थामे हुए थे.
कनाडा के कई शहरों में भी प्रदर्शन
कनाडा के टोरंटो सहित कई शहरों में भी फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी की गई और इस जंग को तुरंत रोकने की मांग की घई. इस दौरान फिलिस्तीन की आजादी और गाजा की आजादी के नारे लगाए गए और गाजा पर इजरायली सेना पर हमले की निंदा की. लंदन में भी प्रदर्शन
ब्रिटेन के लंदन और अन्य स्थानों पर भी फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी की गई. लंदन में बड़ी संख्या में लोगों ने मार्च किया. इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











