
'PM मोदी को तो कांग्रेसियों ने 110 गालियां दीं', राहुल को लेकर खड़गे-नड्डा में 'लेटरवॉर'
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जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए लिखा, "बड़े दुःख की बात है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अब अपने नामदार युवराज के दवाब में 'कॉपी और पेस्ट' वाली पार्टी बन कर रह गई है."
भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे तो पत्र लिखा है. पिछले दिनों कांग्रेस चीफ ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के द्वारा राहुल गांधी को आतंकी कहे जाने पर पीएम मोदी के नाम पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. इसी के जवाब में जेपी नड्डा ने अब खड़गे के नाम पत्र लिखा है.
जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए लिखा, "बड़े दुःख की बात है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अब अपने नामदार युवराज के दवाब में 'कॉपी और पेस्ट' वाली पार्टी बन कर रह गई है. राजनीतिक लोलुपता की पराकाष्ठा करते हुए अब राहुल गांधी वाले दुर्विकार कांग्रेस पार्टी भी अंगीकार करने लगी है और विडंबना यह भी कि वह उससे ही अपने आपको अलंकृत भी महसूस करने लगी है."
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस एंड कंपनी के नेताओं ने पिछले 10 साल में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 110 से ज्यादा गालियां दी हैं और दुर्भाग्य की बात यह भी है कि इसमें कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी शामिल है. तब क्यों राजनीतिक शुचिता, मर्यादा, अनुशासन, शिष्टाचार जैसे शब्द आपकी और कांग्रेस की डिक्शनरी से गायब हो जाते हैं? एक तरफ आप राजनीतिक शुचिता की दुहाई दे रहे हैं लेकिन दूसरी ओर आपकी पार्टी और आपके नेताओं का इतिहास ही राजनीतिक शुचिता की धज्जियां उड़ाने का रहा है. ऐसा दोहरा रवैया क्यों?
'आजाद भारत के इतिहास में...'
बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा, "खड़गे जी क्या-क्या नहीं कहा गया आपके नेताओं के द्वारा देश के प्रधानमंत्री के लिए? कभी कहा गया 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी', कभी कहा गया गया नीच, कभी कमीना, कभी 'मौत का सौदागर', कभी 'जहरीला सांप, कभी 'बिच्छू' कभी 'चूहा', कभी 'रावण', कभी 'भस्मासुर', कभी 'नालायक', कभी 'कुत्ते की मौत मरेगा' कभी 'मोदी को जमीन में गाड़ देंगे', कभी 'राक्षस', कभी 'दुष्ट', कभी 'कातिल', कभी 'हिंदू जिन्ना', कभी 'जनरल डायर', कभी 'मोतियाबिंद का मरीज', कभी 'जेबकतरा', कभी 'गंदी नाली', कभी 'काला अंग्रेज', कभी 'कायर, कभी 'औरंगजेब का आधुनिक अवतार', कभी 'दुर्योधन', कभी 'हिंदू आतंकवादी', कभी 'गदहा', कभी 'नामर्द', कभी 'चौकीदार चोर है', कभी 'तुगलक', कभी 'मोदी की बोटी-बोटी काट देंगे', कभी 'नमक हराम', कभी 'गंवार', कभी 'निकम्मा'. यहां तक कि उनके माता-पिता को भी नहीं छोड़ा गया, उनका भी अपमान किया गया."

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












