
PM ट्रूडो ने कनाडा में लगाई इमर्जेंसी, लोगों ने दिलाई किसान आंदोलन की याद
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Emergency In Canada: कनाडा में प्रधानमंत्री ट्रूडो ने आपातकाल की घोषणा कर दी है. देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ट्रूडो ने ये फैसला लिया है. कनाडा में आपातकाल लगाए जाने की खूब आलोचना हो रही है. भारत में भी लोग ट्रूडो को ट्रोल कर रहे हैं और उन्हें पाखंडी बता रहे हैं.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की देश में आपातकाल लगाने को लेकर काफी आलोचना हो रही है. कनाडा के अलावा भारत में भी किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले ट्रूडो को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. कनाडा में कोविड वैक्सीन को अनिवार्य बनाए जाने और लॉकडाउन लगाए जाने को लेकर प्रदर्शन जारी है. पिछले तीन हफ्ते से ट्रकों और दूसरे वाहनों के साथ हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ओटावा की सड़कों को बंद कर दिया है जिससे जन-जीवन ठप पड़ा है. सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को रोकने के लिए जस्टिन ट्रूडो ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है. It's rightly said that karma returns with interest whatever you give to others.... He gave it in tractors n got back in trucks..#JustinTrudeau #Karma #Canada pic.twitter.com/vT2HGpeSww So much for Trudeau’s lessons and of other westerners on the right to peaceful protest in a democracy and blabbering about erosion of democracy and freedoms in India in the wake of farmers protests. Bunch of hypocrites with Trudeau in the lead. https://t.co/fYT6YSCTYE Under #JustinTrudeau, Canada is becoming a dictatorship like China #TruckersForFreedom2022 pic.twitter.com/S17j7plLUt A footage of how #Canadian soldiers man handling a protestor. Just imagine how the western media would have reported if this was India!!#CanadaTruckers Emergencies Act#JustinTrudeau#CanadaHasFallenpic.twitter.com/uZKAk2mz8y

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







