
Parliament Monsoon Session Live: 'आजादी के बाद ऐसा ऑपरेशन नहीं हुआ...', ऑपरेशन सिंदूर पर खड़गे को नड्डा का जवाब
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संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद संसद के पहले सत्र के पहले दिन पीएम मोदी भी लोकसभा में मौजूद हैं. ताजा अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें...
संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही आज से शुरू हो गई है. पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये संसद का पहला सत्र है. इस सत्र के दौरान हंगामे के आसार हैं. सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दलों ने कमर कस ली है.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.

ईरान में कल लारीजानी की हमले में मौत के बाद इस वक्त महायुद्ध महाभीषण मोड़ पर पहुंच चुका है. IDF ने पुष्टि की है कि कुछ ही देर पहले, ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है. होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में लोगों के मोबाइल फ़ोन पर सीधे तौर पर एक प्रारंभिक निर्देश जारी किया है.

इजरायल के लेबनान पर लगातार हमले जारी है, एक के बाद एक इजरायल लेबनान के कई हिस्सों पर भी,ण बमबारी कर रहीा है. बेरूत में भी इजरायल रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बना रहा है. सेंट्रल बेरूत में इरजरायली एयरफोर्स ने एक 22 मंजिला इमारत को टारगेट किया, जिसके बाद बिल्डिंग पूरी तरह सेढह गई. इस हमले में अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्यसभा और लोकसभा, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही चल रही है. राज्यसभा में आज कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को विदाई दी जा रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सदन को संबोधित किया तो मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भाषण दिया. इस दौरान खड़गे ने कहा कि विदा होने वाले सदस्यों में बहुत से फिर सदन में लौटेंगे. सुनिए भाषण.

अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देश में रह रहे भारतीय मुस्लिम जंग के साये में ईद मनाने के लिए मजबूर है. इस बार घर और परिवार के साथ ईद मनाने के अरमानों पर पानी फिर गया है, युद्ध के चलते फ्लाइट कैंसिल हो रही है तो एयर टिकट महंगा है और नौकरी खोने का भी खतरा भी सता रहा है, जिसके चलते परदेस में ही ईद मनाने को बेबस हैं.








