)
One Nation One Election: जब चार राज्यों में एक साथ चुनाव नहीं हुए, तो पूरे देश में कैसे होगा 'वन इलेक्शन'?
Zee News
One Nation One Election: पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की चर्चा चल रही है. केंद्रीय कैबिनेट ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' से जुड़ा प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया है. अब इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. लेकिन सवाल ये उठता है कि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए कितना खर्चा आएगा, क्या संसाधन लगेंगे?
नई दिल्ली: One Nation One Election: मोदी कैबिनेट ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का प्रस्ताव मंजूर कर दिया है. इसे बिल के तौर पर शीतकालीन सत्र में संसद में लाया जा सकता है. लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद ही ये लागू हो पाएगा. मोदी सरकार चाह रही है कि इसे साल 2029 से ही लागू कर दिया जाए, तब लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराए जाएं. लेकिन विपक्षी दल लगातार इसकी मुखालफत कर रहे हैं. उनका तर्क है कि ये लोकतांत्रिक ढांचे को हानि पहुंचा सकता है, इससे एक दल प्रभुत्वशाली ही सकता है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








