
Omicron की दहशत... ब्रिटेन वर्क फ्रॉम होम की ओर लौटा, साउथ अफ्रीका में 18 साल से ऊपर वालों के लिए बूस्टर डोज को मंजूरी
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कोरोना के चलते बीते दो सालों तक दुनिया भर में मौत का तांडव देखने को मिला. इसके मामले कम होने पर जैसे ही लोग चैन की सांस लेने लगे तो इसका वैरिएंट ओमिक्रॉन नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है. ये जिस तरह धीरे- धीरे गंभीर हो रहा है, उसे देखते हुए कई देश वापस प्रतिबंधों की ओर लौटने लगे हैं.
कोरोना वायरस के चलते बीते दो सालों तक दुनियाभर में मौत का तांडव देखने को मिला. इसके मामले कम होने पर जैसे ही लोग चैन की सांस लेने लगे, तो इसका वैरिएंट ओमिक्रॉन नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है. ये जिस तरह धीरे-धीरे गंभीर हो रहा है, उसे देखते हुए कई देश वापस प्रतिबंधों की ओर लौटने लगे हैं. इसी कड़ी में ब्रिटेन फिर से वर्क फ्रॉम होम शुरू कर रहा है. यहां सोमवार से जिन प्रोफेशन में संभव हो, वहां वर्क फ्रॉम होम शुरू किया जाएगा.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











