
Nuclear Attack: रूस की धमकी पर NATO का वार, 'भुगतना पड़ेगा घातक अंजाम'
AajTak
जंग के 32वें दिन भी यूक्रेन पर रूसी हमले जारी हैं. मारियूपोल से लेकर चर्नीहीव तक मिसाइल हमले हो रहे हैं. कई मोर्चे पर यूक्रेन भी डटा है. कीव में अब तक रूसी फौज की एंट्री नहीं हो पाई है. वहीं लगातार जारी हमलों से बर्बाद यूक्रेन की हालत पर अमेरिका भी उसके साथ खड़ा हो गया है. रूस बार बार परमाणु हमले की धमकी दे रहा है. रूस ने साफ कहा कि अगर कोई देश यूक्रेन की मदद करेगा तो उसे परमाणु हमले को झेलना पड़ेगा. जिसके बाद नाटो ने भी कोरी धमकी दे डाली और कहा कि अगर रूस ने ऐसा कुछ भी किया तो इसके दोगुने उसे इसके दोगुने अंजाम भुगतने पड़ेंगे.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











