
MP: सरकारी व्यवस्था के खिलाफ छात्राओं का 'हल्ला बोल', स्कूल में जड़ा ताला, की ये मांग
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स्कूल में तालाबंदी करने वाली छात्राओं ने कहा स्कूल की इमारत जर्जर हो चुकी है. स्कूल में 1300 छात्राएं हैं जिनके लिए केवल 10 कमरे हैं. मंगलवार को छत से पंखा नीचे गिर गया था. हमने सर को बताया तो उन्होंने कहा बच गए हो मरे तो नहीं. हम यहां नहीं पढे़ंगे. यहां की छत कभी भी गिर सकती है.
शासकीय स्कूल की जर्जर इमारत जिसके कभी भी नीचे आने का डर है, लेकिन शिक्षा विभाग 1300 छात्राओं की जान की परवाह किए बगैर इस जर्जर इमारत में कक्षाएं चला रहा है. हर रोज की परेशानी से तंग आकर स्कूल की छात्राओं ने स्कूल में ताला डाल दिया और नए स्कूल का निर्माण होने तक पुराने स्कूल में पढ़ने से मना कर दिया. छात्राओं ने स्कूल के टीचरों पर लापरवाही बरतने और अभद्रता करने की बात भी कही है.
मध्य प्रदेश में सतना से 38 किमी दूर बिरसिंहपुर के गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी में पढ़ने वाली छात्राओं ने बुधवार को स्कूल में ताला डाल दिया. छात्राओं ने कहा है कि स्कूल में केवल 10 कमरे हैं जिसमें 1300 छात्राएं पढ़ाई करती हैं. हर कक्षा में 130 से ज्यादा लड़कियों जमीन पर टाटा पट्टी बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. स्कूल की इमारत जर्जर हो चुकी है. हम लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है लेकिन स्कूल प्रबंधन लापरवाही बरत रहा है. हम स्कूल का ताला तभी खोलेंगे जब तक सभी लोग यहां आ नहीं जाते. छात्राओं की तालाबंदी के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. आस-पास के लोग भी स्कूल के बाहर मौजूद हो गए. स्कूल प्राचार्य और अन्य लोगों के काफी समझाने के बाद छात्राओं ने ताले की चाबी सौंपी और स्कूल खोला गया.
टीचर कहते हैं बच गए हो... मरे तो नहीं
स्कूल की छात्रा सृष्टि पांडेय ने बताया की मंगलवार को हमारे स्कूल में पंखा गिर गया था. जिसके बारे में हमने अनुराग सर को बताया तो सर बोले 'बच गए हो, मरे तो नहीं'. वहीं प्रिंसिपल सर तो देखने तक नहीं आए. जब तक नए स्कूल का शिलान्यास नहीं होगा... तब तक तालाबंदी रहेगी. किसी भी दिन पुराने स्कूल की छत गिर सकती है.
अभद्रता करने वाले शिक्षकों पर लेंगे एक्शन: DEO
वहीं पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नीरव दीक्षित ने कहा कि, बिरसिंहपुर में प्राचार्य की जानकारी के अनुसार स्कूल भवन की मांग को लेकर छात्राओं ने तालाबंदी की. यह सच है यहां पर छात्राओं की संख्या अधिक है. शासन से नए भवन के बजट का आवंटन भी हो चुका था लेकिन जिस जगह भवन का निर्माण होना है वह जगह विवादित होने के कारण राशि वापस हो गई. नए सिरे से शासन से शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की जाएगी. तबतक छात्राओं को यथास्थिति रखने की छात्राओं को समझाइश दी गई है. छात्राओं संग अभद्रता करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी.

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