
'ग्लोबल ड्रोन साजिश' का पर्दाफाश, NIA के एक्शन से भड़का यूक्रेन, कहा- रूस है इसके पीछे
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NIA ने एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश करते हुए बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में विदेशी नागरिकों के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो भारत को ट्रांजिट हब बनाकर म्यांमार में सक्रिय हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग दे रहा था. NIA के एक्शन के बाद यूक्रेन भड़क गया है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें विदेशी नागरिक म्यांमार में हथियारबंद गुटों को आधुनिक ड्रोन और युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दे रहे थे. इस मामले में NIA के एक्शन के बाद यूक्रेन नाराज हो गया है. उसका कहना है कि रूस के इशारे पर ये कार्रवाई की गई हो सकती है.
यह मामला 13 मार्च 2026 को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था. गृह मंत्रालय के निर्देश पर जांच शुरू हुई और शुरुआती निष्कर्षों ने ही इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया. इस ऑपरेशन में तीन बड़े हवाई अड्डों से सात विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया.
इनमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिक हुर्बा पेट्रो, स्लीव्याक तारस, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होनचारुक मैक्सिम और कामस्की विक्टर शामिल हैं. ये लोग कुआलालंपुर जाने की तैयारी में थे.
इस दौरान सभी को कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पकड़ लिया गया. दिल्ली की अदालत ने सभी आरोपियों को 27 मार्च 2026 तक NIA की हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसियां इस विदेशी नेटवर्क से जुड़े आठ अन्य यूक्रेनी नागरिकों की भी तलाश कर रही हैं.
गिरफ्तारी पर यूक्रेन की कड़ी आपत्ति
यूक्रेन के दूतावास ने भारत में अपने नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उसने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कार्रवाई रूस से मिली जानकारी के आधार पर शुरू हुई, जिससे इस मामले के राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित होने की आशंका पैदा होती है.

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