
Monkeypox ने 68 देशों में पहली बार किया अटैक, 98% केस यहीं मिले, WHO चीफ बोले- इसके खतरे पर वर्षों से गौर नहीं किया गया
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को मंकीपॉक्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बताया कि वैश्विक और क्षेत्रीय स्तरों पर यह पैर पसार रहा है. यूरोपीय क्षेत्रों में इसका सबसे ज्यादा खतरा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने monkeypox को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि monkeypox का प्रकोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता करने वाला है. सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर इमरजेंसी लगाई जा रही है.
एक महीने पहले 47 देशों में monkeypox के 3040 केस थे. इसका पांच देशों में सबसे ज्यादा प्रकोप फैला हुआ है. स्पेन में सबसे ज्यादा 3125 लोग इसकी चपेट में हैं. इसके बाद अमेरिका में 2890, जर्मनी में 2268, ब्रिटेन में 2208 और फ्रांस में 1567 केस अब तक सामने आ चुके हैं.
अब तक 16,836 केस मिले चुके
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर सिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की वेबसाइट (22 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार) के मुताबिक अब monkeypox का प्रकोप बढ़कर 74 देशों में फैल चुका है. केसों की संख्या भी 16,836 हो गई है. वहीं इसकी चपेट में आने से पांच लोगों की जान भी चली गई है.
इन 11 देशों में भी 100 से ज्यादा केस
सीडीसी के मुताबिक नीदरलैंड्स में 712, कनाडा में 681, ब्राजील में 592, पुर्तगाल में 588, इटली में 407, बेल्जियम में 311, स्विटजरलैंड में 216, पेरू में 143, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में 107, इस्राइल में 105 और नाइजीरिया में 101 केस मंकीपॉक्स के सामने आ चुके हैं. हालांकि भारत में अभी इसके तीन मामले केरल में ही सामने आए हैं.

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