
Money Plant Vastu Tips: मनी प्लांट लगाने के बाद भी नहीं मिल रहा फायदा, तो करें ये उपाय होगा लाभ
AajTak
Money Plant Vastu Tips: मनी प्लांट लगाते समय वास्तु नियमों और सही दिशा का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कई बार मनी प्लांट सही दिशा में लगाए जाने के बाद भी शुभ फल प्राप्त नहीं होता, इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. जानते हैं उनके बारे में
Money Plant Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट को धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. यह पौधा केवल घर की सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि मनी प्लांट लगाने से घर की आर्थिक तंगी, कर्ज की समस्याएं दूर होती है. हालांकि, इसे सही दिशा में और वास्तु शास्त्र के अनुसार लगाने पर ही इसके फायदे सही से मिलते हैं. अगर इसे गलत दिशा में रखा जाए या इसके लिए जरूरी नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका असर कम हो जाता है. इसलिए मनी प्लांट लगाते समय दिशा, स्थान, देखभाल और कुछ विशेष उपायों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
कौन-सी दिशा है सही
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मनी प्लांट रखने की सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) मानी जाती है. यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है, जो घर में ऊर्जा, उत्साह और समृद्धि लाती है. आग्नेय कोण के स्वामी भगवान कुबेर माने जाते हैं, जो धन और वैभव के देवता हैं. इसलिए, जब मनी प्लांट को इस दिशा में रखा जाता है, तो इससे घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. वास्तु के मुताबिक मनी प्लांट को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
वहीं, मनी प्लांट को कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में नहीं रखना चाहिए. यह दिशा जल तत्व से जुड़ी होती है, और यहां मनी प्लांट लगाने से धन हानि, आर्थिक रुकावटें या बार-बार पैसों की तंगी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा, उत्तर दिशा में इसे रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा में कमी आती है.
रखें इन बातों का ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट को घर के अंदर लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसे ऐसे स्थान पर रखें जहां रोशनी आती हो, लेकिन सीधी धूप न पड़े. यह पौधा छाया में भी अच्छी तरह पनपता है और घर के वातावरण को शुद्ध रखता है. वास्तु के अनुसार, रात के समय मनी प्लांट को छूना या पानी देना अशुभ माना जाता है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












