
Meerut Crime: जल निगम अधिकारी की मासूम बेटी का हुआ था अपहरण, कुछ ही घंटों में ऐसे पकड़े गए आरोपी
AajTak
मेरठ पुलिस ने मंगलवार को बताया कि उत्तर प्रदेश जल निगम के एक जूनियर इंजीनियर के पूर्व ड्राइवर और दो अन्य लोगों को उनकी छह वर्षीय बेटी का अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
Meerut Kidnapping Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से अपहरण का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक 6 साल की मासूम बच्ची को अगवा करने के चंद घंटों बाद ही तीन अपहरणकर्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गए और मासूम बच्ची सही सलामत अपने घर पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक, एक एनकाउंटर के बाद तीनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.
मेरठ पुलिस ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश जल निगम के एक जूनियर इंजीनियर के पूर्व ड्राइवर और दो अन्य लोगों को उनकी छह वर्षीय बेटी का अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मेरठ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि लड़की का अपहरण सोमवार की दोपहर किया गया था और आरोपियों ने उसकी रिहाई के लिए 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी.
परिवारवालों ने फौरन इस बात की जानकारी पुलिस को दी. जिस पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया. एएसपी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक अपहरण के कुछ ही घंटों बाद लड़की अपने घर पहुंच गई, क्योंकि पुलिस ने शहर में प्रवेश और निकास के सभी रास्ते बंद कर दिए थे. इसी की वजह से अपहरणकर्ता डर गए थे.
एएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों में से अधिकारी के पूर्व ड्राइवर आकाश और राजू को सोमवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. अजय को बाद में पकड़ लिया गया. उन्होंने बताया कि अपहरण में इस्तेमाल की गई दो देसी पिस्तौल और एक कार उनके पास से जब्त की गई है.
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आकाश ने कबूल किया कि ड्राइवर की नौकरी से हटाए जाने के बाद उसने अपहरण की योजना बनाई थी. अपराध के तरीके के बारे में विस्तार से बताते हुए आकाश ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक कार किराए पर ली थी और अधिकारी के घर के बाहर इंतजार किया और दोपहर करीब 1:30 बजे जब उनकी बेटी ऑटो-रिक्शा में स्कूल से घर आई तो उन्होंने उसका अपहरण कर लिया था.
अब बच्ची के सकुशल घर लौट आने के बाद परिवारवालों ने राहत की सांस ली है.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











