
Man-Eater Wolves Terror: भेड़ियों के मुंह ऐसे लगा इंसानी खून, अब आदमखोर के खात्मे के लिए सरकार ने बनाया ये प्लान
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महज डेढ़ महीने में ही यूपी के बहराइच इलाके में भेड़ियों ने एक महिला समेत कुल 10 बच्चों की जान ले ली है. और शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद कई भेड़िये अब भी छुट्टा घूम रहे हैं. अगर हमलों की बात करें तो छह महीनों में इन भेड़ियों ने इंसानों पर साठ से ज्यादा हमले किए हैं.
Man-Eater Wolves Terror in Bahraich: एक पुरानी कहावत कहें या फिर फिल्मी डायलॉग.. शेर जब आदमखोर हो जाए तो उसे गोली मार देनी चाहिए. वन विभाग के कर्मचारी-अधिकारी और पूरी सरकारी मशीनरी यूपी के बहराइच में जिन आदमखोर भेड़ियों को जिंदा पकड़ने की कोशिश कर रहे थे. अब उन्हें ये हुक्म दिया गया है कि आदमखोर भेड़ियों को देखते ही गोली मार दी जाए. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इन भेड़ियों के मुंह इंसान का खून लग चुका है. प्रभावित इलाकों में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं.
थर्मल इमेजिंग सिस्टम और ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल दिन भर की मेहनत के बाद जब लोगों को अपने-अपने घरों में होना चाहिए, लोग गांव गलियों में लाठी-डंडों और हथियारों के साथ घूमने को मजबूर हैं. रात-रात भर जाग कर निगरानी हो रही है, कहीं थर्मल इमेजिंग सिस्टम से लैस ड्रोन कैमरे उड़ाए जा रहे हैं, कहीं अस्लहों से लैस जन प्रतिनिधि आदमखोर भेड़ियों के पग मार्क ढूंढ रहे हैं. और कहीं वन विभाग से लेकर पुलिस तक घूम-घूम कर मुनादी कर रही है. लोगों को बता रही है कि उनकी अपनी सुरक्षा अपने हाथ है.
भेड़ियों को गोली मारने के आदेश लोगों को बाहर नहीं बल्कि घरों के अंदर सोना है और वो भी दरवाज़े खिड़कियां अच्छी तरह से बंद करके. लेकिन इन सारे जतन के बावजूद हालत कितनी खराब है, इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अब बात निगरानी, पटाखे, पिंजरों और बेहोशी से आगे बढ़ कर सीधे गोलियों तक जा पहुंची है. यानी सरकार ने तय कर लिया है कि अब अगर ये भेड़िये पकड़ में नहीं आए तो उन्हें गोली मारी जा सकती है.
35 गांवों में भेड़ियों का आतंक उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से कुछ तस्वीरें आई हैं. जिले के लगभग 35 गांव करीब डेढ़ महीने से आदमखोर भेड़ियों के आंतक से कांप रहे हैं. गांव वालों के साथ-साथ शासन प्रशासन से लेकर वन विभाग तक सबने दिन रात एक कर रखा है, लेकिन फिर भी कहीं किसी झुरमुट से, खेतों से, गलियों से या फिर टूटे दरवाज़ों से भेड़िया आता है और घर में सो रहे किसी मासूम बच्चे को उठा ले जाता है.
भेड़ियों ने किए साठ से ज्यादा हमले महज डेढ़ महीने में ही इस इलाके में भेड़ियों ने एक महिला समेत कुल 10 बच्चों की जान ले ली है. और शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद कई भेड़िये अब भी छुट्टा घूम रहे हैं. अगर हमलों की बात करें तो छह महीनों में इन भेड़ियों ने इंसानों पर साठ से ज्यादा हमले किए हैं. और इसीलिए अब सरकार ने तय कर लिया है कि अब अगर ये भेड़िये पकड़ में नहीं आए या फिर उन्हें पिंजरे में कैद करना या फिर बेहोशी वाली गन से ट्रैंकुलाइज करना मुमकिन नहीं हुआ, तो फिर सीधे शूट कर दिया जाएगा यानी गोली मार दी जाएगी.
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