
JNU हिंसा पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 7 धाराओं में केस दर्ज कर शुरू की खूनी संघर्ष की जांच
AajTak
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार रात कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. वामपंथी और एबीवीपी समर्थकों के बीच पथराव में कई छात्र घायल हो गए थे. पुलिस ने जेएनयूएसयू नेताओं और सहयोगियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) कैंपस में रविवार और सोमवार की दरम्यानी हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2)/126(2)/191(2)/189(2)/121(1)/132/61(2) एवं 3 पीडीपीपी एक्ट के तहत की गई है.
यह हिंसा रात में हुई और करीब 1:30 बजे हालात तब बिगड़े जब वाइस चांसलर के खिलाफ निकाले जा रहे ‘समता जुलूस’ के दौरान दो छात्र संगठन आपस में भिड़ गए. वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. इस घटना में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए.
तनाव की शुरुआत तब हुई जब वामपंथी समर्थित छात्र संघ (JNUSU) ने कुलपति के हालिया बयानों के विरोध में मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर एक साक्षात्कार में वंचित समुदायों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी.
यह भी पढ़ें: किसी ने लाइब्रेरी में तो किसी ने बाथरूम में छुपकर बचाई जान... JNU में रविवार रात क्या-क्या हुआ?
वायरल हुआ था हिंसा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में नकाबपोश लोग हाथों में लाठी-डंडे लिए और पत्थरबाजी करते हुए देखे जा रहे हैं. एबीवीपी का आरोप है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों को डराया-धमकाया और उन पर हमला किया. वहीं, जेएनयूएसयू का दावा है कि उनके शांतिपूर्ण मार्च पर एबीवीपी के सदस्यों ने पथराव किया, जिससे कई छात्रों को सेंट्रल लाइब्रेरी में शरण लेनी पड़ी.
जेएनयू प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर हिंसा की निंदा की है और स्पष्ट किया है कि कैंपस में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. घायल छात्रों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन नकाबपोश हमलावरों की पहचान कर रही है जिन्होंने कैंपस का माहौल खराब किया. फिलहाल जांच जारी है और परिसर में कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही हैं.

महायुद्ध से इस वक्त पूरी दुनिया खबरदार हो चुकी है. क्योंकि 24 घंट के भीतर ईरान और खाड़ी देशों में तेल-गैस रिफाइनरी पर हमले में आग के बाद दुनिया का बाजार, सोना, चांदी, रुपया, ट्रंप की रेटिंग सबकुछ में उथलपुथल मच चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ी धमकी दी है अगर हमारे बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ तो हम बिल्कुल भी संयम नहीं बरतेंगे. इज़राइल की तरफ से हुए हमले के पलटवार में हमने अपनी शक्ति का एक अंश ही इस्तेमाल किया है. संयम बरतने का एकमात्र कारण तनाव कम करने के अनुरोध का सम्मान करना है.

अमृतसर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. आरोपियों के पास से 7 आधुनिक पिस्तौल बरामद हुए हैं. जांच में पुर्तगाल में बैठे हैंडलर और पाकिस्तान लिंक सामने आया है. थाना कैंटोनमेंट में मामला दर्ज कर पुलिस पूरे नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाल रही है.

केरलम (केरल) के अलाप्पुझा और कोझिकोड जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने 20,000 से ज्यादा घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. संक्रमण रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मांस और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. इस मामले की अगली कार्रवाई 21 मार्च से शुरू होगी.

मिडिल ईस्ट की जंग के बीच वैसे तो अब तक एलपीजी टैंकर के 3 जहाज होर्मुज के रास्ते भारत आ चुके हैं... लेकिन फिर भी अभी देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है... मुंबई के प्रभादेवी इलाके में मशहूर अशोक वड़ा पाव स्टॉल गैस सिलेंडर की वजह से बंद पड़ा है... ऐसा कहा जाता है कि, साल 1966 में यहीं पहली बार वड़ा पाव बनाया गया था... लेकिन 16 मार्च से कमर्शियल गैस न मिलने की वजह से ये स्टॉल बंद है.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने पुलिस और नागरिक प्रशासन को ईद और रामनवमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की 'प्रतिहिंसा' को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है.








