
JNU परिसर में लोहे की चेन से लटकी मिली संविदा कर्मचारी की लाश, पुलिस जांच में जुटी
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दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की एक टीम परिसर में पहुंची और एक बहुमंजिला इमारत के पास लगे एक पेड़ पर एक व्यक्ति की लाश को लटके हुए पाया, जिसके गले में लोहे की चेन बंधी हुई थी.
दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर के अंदर एक संविदा कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि उसकी लाश एक लोहे की चेन के सहारे परिसर में लगे एक पेड़ से लटकी हुई थी. अब पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि मृतक संविदा कर्मचारी की पहचान 55 वर्षीय विजय के तौर पर हुई है. वह विश्वविद्यालय में एक निजी अनुबंध पर साफ सफाई का काम करता था. पुलिस के मुताबिक, जेएनयू परिसर से दोपहर 1.59 बजे आत्महत्या के संबंध में एक पीसीआर कॉल रिसीव की गई थी.
दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की एक टीम परिसर में पहुंची और एक बहुमंजिला इमारत के पास लगे एक पेड़ पर एक व्यक्ति की लाश को लटके हुए पाया, जिसके गले में लोहे की चेन बंधी हुई थी.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि मौका-ए-वारदात पर छानबीन की गई और दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 174 तहत कार्यवाही शुरू की गई है. अभी तक आत्महत्या के पीछे के कारण का पता नहीं चला है. ये वजह पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है.
इस बीच, जेएनयू प्रशासन ने एक बयान जारी कर इस मामले पर शोक व्यक्त किया है. जिसमें कहा गया कि विश्वविद्यालय आउटसोर्स कर्मचारियों में से एक की मृत्यु से बहुत दुखी है और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है. इस त्रासदी के चलते विश्वविद्यालय इस कठिन समय में परिवार को अपना समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विश्वविद्यालय ने कहा कि मृत कर्मचारी का वेतन संबंधित वेंडर नियमित रूप से दे रहा था. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनजर, जेएनयू प्रशासन ने उस वेंडर को तत्काल आधार पर विजय के परिवार को अनुग्रह भुगतान सहित सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है. स्थानीय पुलिस ने पहले ही घटना की जांच शुरू कर दी है.

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