
Jharkhand : जंगल के बीच हो रही थी अफीम की खेती, पुलिस नेे की नष्ट
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लोहरदगा के जंगल में अफीम की खेती की जा रही थी. जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने खेती को नष्ट किया. पुलिस ने बताया कि गेहूं और आलू की खेती करने के नाम पर किसान से दूसरे जिले के लोगों ने खेत लिया था. फिर चोरी-छुपे अफीम की खेती करना शुरू कर दिया था.
झारखंड के लोहरदगा में जंगल के बीच एक एकड़ में की गई अफीम (पोस्ता) की फसल को पुलिस ने नष्ट किया. स्थानीय किसान की जमीन लीज पर लेकर दूसरे जिले से आकर कुछ लोग यहां अफीम की खेती कर रहे थे. पुलिस की छापेमारी की खबर लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए. साथ ही पोस्ते की फसल से अफीम तैयार करने वाला उत्पाद भी साथ लेकर भाग निकले.
जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय से 38 किमी से दूर चंदवा थाना क्षेत्र के सोंस गांव के जंगल में अफीम की खेती किए जाने की सूचना लोहरदगा एसपी आर. रामकुमार को मिली थी. सूचना मिलने के बाद लोहरदगा एसडीपीओ बीएन सिंह की अगुवाई में मजिस्ट्रेट सह-किस्को सीओ बुडाय सारु शंकर प्रसाद, थाना प्रभारी शशि शेखर, लोहरदगा जिला बल, जोबांग थाना पुलिस और ठकुराइन डेरा पुलिस पिकेट के जवान और अधिकारी उल्दाग के वन क्षेत्र में पहुंचे थे.
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गेहूं के नाम पर अफीम की खेती
लोहरदगा के एसपी आर. रामकुमार के अनुसार लोहरदगा और लातेहार सीमा क्षेत्र में स्थित उल्दाग के वन क्षेत्र में पोस्ता की खेती की जा रही थी. इसी गांव के बालकेश्वर सिंह खेरवार ने जिले के बाहर के लोगों के अपनी जमीन लीज पर दी थी.
उन लोगों ने गेहूं और सब्जियां उगाने के नाम पर जमीन ली थी. मगर, फसलों की आड़ में आरोपी खेत में अफीम की खेती करने लगे थे. साथ ही बिजली चोरी भी कर रहे थे.

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