
Javed Ali Khan: लेफ्ट की छात्र राजनीति से समाजवाद की सियासत तक, ऐसा रहा जावेद अली खान का सफर
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Javed Ali Khan samajwadi party rajya sabha candidate: जावेद अली खान एक आम किसान परिवार से आते हैं. यूपी के संभल से वो दिल्ली पढ़ाई के लिए आए थे और यहीं छात्र राजनीति से जुड़ गए. पहले लेफ्ट छात्र संगठनों से जुड़कर राजनीति की और इसके बाद समाजवादी पार्टी के गठन के शुरुआती दिनों में ही वो सपा से जुड़ गए. जावेद अली खान की छवि एक सौम्य स्वभाव वाले सरल नेता की मानी जाती है.
समाजवादी पार्टी में जब मुस्लिम नेताओं का जिक्र आता है तो सबसे पहला नाम आजम खान का सुनाई देता है. आजकल वो फिर चर्चा में हैं. जेल से रिहा होकर आए हैं और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज बताए जा रहे हैं. लेकिन सपा में एक मुस्लिम नेता ऐसे भी हैं जो लाइमलाइट में भले ही कम रहते हों मगर बात जब पार्टी के भरोसे की आती है तो उनका नाम पहली फेहरिस्त में नजर आता है. ये नाम है जावेद अली खान, जिन्हें सपा ने एक बार फिर राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.
जावेद अली खान इससे पहले 2014 से 2020 तक समाजवादी पार्टी के सदस्य के रूप में राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. यानी ये दूसरा मौका है जब वो राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं.
आम तौर पर नेताओं का राजनीतिक करियर सांसदी, विधायकी के इर्द-गिर्द रहता है. लेकिन जावेद अली खान सपा के ऐसे नेता हैं जिनका ज्यादा वक्त पार्टी संगठन के लिए काम करते हुए गुजरा है.
जावेद अली खान एक स्वच्छ छवि वाले, गैर-विवादित और वैचारिक नेता के तौर पर अपनी पहचान रखते हैं. सादगी और मधुर भाषा उनकी विशेषता बताई जाती है. एक गैर-राजनीतिक परिवार में जन्म लेने वाले जावेद अली को देश के उच्च सदन में दूसरी बार पहुंचने का गौरव प्राप्त हुआ है.
जावेद अली खान का परिवार और शुरुआती जीवन जावेद अली खान मूल रूप से यूपी के संभल जिले के रहने वाले हैं. 31 अक्टूबर 1962 को यहां के मिर्जापुर नसरुल्लापुर गांव में उनका जन्म हुआ. ये गांव बहजोई क्षेत्र के अंतर्गत आता है. जावेद अली खान का परिवार मूलत: खेती-किसानी से जुड़ा रहा है. बाद में उनके पिता अशफाक अली खान दिल्ली के एंग्लो-अरैबिक स्कूल में टीचर हो गए. ये स्कूल दिल्ली के सबसे पुराने स्कूलों में से है. फिलहाल, जावेद अली खान के पिता और माता मुश्ताक बेगम गांव में ही रहते हैं.
जामिया स्कूर में टीचर हैं पत्नी

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