
IPL 2023 Retention List: हैदराबाद का पर्स सबसे बड़ा, KKR सबसे पीछे, जानें किसके पास कितना पैसा बचा
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इंडियन प्रीमियर लीग के मिनी ऑक्शन से पहले टीमों ने अपनी रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है. कई बड़े खिलाड़ियों को फ्री किया गया है, साथ ही कुछ खिलाड़ियों को रिटेन किया गया है. रिटेंशन लिस्ट आने के बाद किस टीम के पास कितना पैसा बचा है, जानिए...
इंडियन प्रीमियर लीग-2023 की तैयारियां शुरू हो गई हैं और सभी टीमों ने अपनी रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है. आईपीएल की 10 टीमों ने इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी है और बड़े-बड़े खिलाड़ियों पर भी कैंची चलाई गई है. हैदराबाद ने केन विलियमसन को छोड़ा तो पंजाब ने भी अपने कप्तान मयंक अग्रवाल को रिलीज़ कर दिया. अब सभी टीमें इन तैयारियों के साथ दिसंबर में होने वाले मिनी ऑक्शन में जाएंगी, ऐसे में अब किस टीम के पास कितनी राशि पर्स में है. क्योंकि उसी के हिसाब से टीमों के पास ऑक्शन में खिलाड़ियों को खरीदने का मौका रहेगा. 1. गुजरात टाइटन्स- 19.25 करोड़2. राजस्थान रॉयल्स- 13.2 करोड़3. लखनऊ सुपर जायंट्स- 23.35 करोड़4. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- 8.75 करोड़5. दिल्ली कैपिटल्स- 19.45 करोड़6. पंजाब किंग्स- 32.2 करोड़7. कोलकाता नाइट राइडर्स- 7.05 करोड़8. सनराइजर्स हैदराबाद- 42.25 करोड़9. चेन्नई सुपर किंग्स- 20.45 करोड़10. मुंबई इंडियंस- 20.55 करोड़
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आपको बता दें कि ताज़ा अपडेट के मुताबिक, सबसे ज्यादा पैसे सनराइजर्स हैदराबाद के पर्स में बचे हैं. हैदराबाद की टीम ने कुल 12 खिलाड़ियों को रिलीज़ किया है, लेकिन इनमें से दो खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके दाम काफी ज्यादा थे. केन विलियमसन 14 करोड़ और निकोलस पूरन 10.75 करोड़ रुपये वाले हैं, ऐसे में करीब 25 करोड़ तो इनके जाने से ही फ्री हो गए, ऐसे में कुल SRH के खाते में 42 करोड़ बचे हैं. खास बात ये है कि दिसंबर में होने वाले ऑक्शन से पहले टीमों के खाते में 5 करोड़ और जोड़ दिए जाएंगे. अभी तक टीमों का पर्स कुल 90 करोड़ का होता था, लेकिन अब इसे 95 करोड़ का कर दिया गया है. यानी जितना पैसा अभी टीमों के पर्स में है, अब उसमें 5 करोड़ रुपये जोड़ दिया जाएगा तब टीमें ऑक्शन में कूदेंगी.

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












