
Indian Navy ने 2500 पदों पर मांगे आवेदन, 12वीं पास कर सकते हैं अप्लाई, अच्छी है सैलरी
Zee News
पदों की आवेदन के लिए योग्यता की बात करें तो किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास (Science) होना लाजमी है.
नई दिल्ली: अगर आप भी इंडियन नेवी (Indian Navy Recruitment 2021) में नौकरी की ख्वाहिश करने की ख्वाहिश रखते हैं तो यह आपके लिए बहुत काम की है. क्योंकि हम आपको इंडियन नेवी के 2500 पदों पर मांगे गए आवेदन के बारे में बताने जा रहे हैं. इंडियन नेवी सीनियर सेकेंडरी रिक्रूट के 2000 और आर्टिफीसर अप्रेंटिस के 500 पदों पर आवेदन मांगे हैं. जरूरी तारीख जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक इन पदों पर आवेदन करने की शुरुआत 26 अप्रैल होगी. साथ ही आखिरी तारीख 5 मई 2021 आखिरी तारीख तय की गई है. भर्ती की खास बात यह है कि इसकी मैरिट लिस्ट 10वीं और 12वीं की मार्कशीट के आधार बनाई जाएगी. मैरिट लिस्ट में आने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा. मैरिट लिस्ट जारी करने की तारीख 23 जुलाई 2021 तय की गई है. इन पदों पर आवेदन के लिए वर्ग के हिसाब से आवेदन फीस भी तय की गई है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








