
India-Egypt relations: नील नदी की लहरें... नेहरू से नासिर की पहली मुलाकात, जब भारतीय PM के कायल हो गए मिस्र के राष्ट्रपति
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मिस्र और भारत के संबंध सदियों पुराने हैं. गणतंत्र दिवस के मौके पर दोनों देशों का इतिहास कर्तव्यपथ पर एक बार फिर से जीवंत हो उठा. आजादी के बाद के दशकों की बात करें तो देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासिर की दोस्ती अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बनती थीं. दो नेताओं की इस गर्मजोशी ने भारत-मिस्र संबंधों का नया चैप्टर शुरू किया.
1947 में भारत की आजादी के बाद भारत ने तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में जब अपनी विदेश नीति गढ़नी शुरू की तो भारत को मिस्र का भरपूर सहयोग मिला. मिस्र 1953 में गणतंत्र बना. इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते पनपने शुरू हुए. मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासिर और पीएम जवाहरलाल नेहरू के बीच की केमिस्ट्री गजब की थी.
1950 से 60 के बीच नेहरू और गमाल अब्देल नासिर की दोस्ती अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बना करती थी. दोस्ती का ये दौर हल्के उतार चढ़ाव के बाद आज भी कायम है. भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी मुख्य अतिथि हैं. ये पहला मौका है जब मुस्लिम देश मिस्र के कोई राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.
नेहरू और नासिर की जुगलबंदी की कहानी की चर्चा मिस्र में होती है. मिस्र में राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासिर की विरासत और विचारधारा पर काम कर रही संस्था नासिर यूथ मूवमेंट ने अब्देल नासिर और नेहरू की मुलाकातों का रोचक जिक्र किया है.
नेहरू-नासिर की पहली मुलाकात और उम्र का फासला
मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासिर और प्रधानमंत्री नेहरू की पहली मुलाकात 19 फरवरी 1955 को हुई थी. 1918 में जन्में नासिर तब 37 साल के थे और वे मिस्र के राष्ट्रपति थे. जबकि तब नेहरू की उम्र 64 साल की थी और वे भारत के पीएम थे. बता दें कि नासिर ने 1952 में अपने देश में क्रांति की थी और इसके बाद देश की बागडोर संभाली थी.
उम्र में इतने फासले के बावजूद दोनों करीबी थे और एक दूसरे का बेहद सम्मान करते थे. नासिर यूथ मूवमेंट में इन मुलाकातों का विस्तार से ब्यौरा रखा गया है. इसके अनुसार, "दोस्ती का यह बंधन अपनी तीव्रता और गहराई में पहली नजर का प्यार था, और ज्यादातर मामलों की तरह ये बॉन्ड दो पूरी तरह से अलग व्यक्तियों के बीच हुआ था. अब्देल नासिर एक व्यावहारिक व्यक्ति थे, जबकि नेहरू एक विनम्र, छरहरे, और बुद्धिमान शख्स थे."

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