
ICJ के आदेश के बावजूद गाजा में IDF के हमले जारी, हमास के सुरंग से मिले 3 बंधकों के शव
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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने इजरायल को गाजा के रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को रोकने का आदेश दिया है. इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने दक्षिण अफ्रीका की याचिका पर ये फ़ैसला सुनाया. इसके बावजूद इजरायली सेना गाजा में अपना सैन्य ऑपरेशन जारी रखे हुए है.
नीदरलैंड के द हेग में मौजूद अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से इजरायल को तगड़ा झटका लगा है. आईसीजे यानी इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इजरायल को गाजा के रफाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को रोकने का आदेश दिया है. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने दक्षिण अफ्रीका की याचिका पर ये फ़ैसला सुनाया है. इसके बावजूद इजरायली सेना गाजा में हमले जारी रखे हुए है. उत्तर से दक्षिण तक गाजा में आईडीएफ बम बरसा रही है.
इसी बीच गाजा पट्टी के जबालिया से तीन बंधकों के शव मिले हैं. इजरायली सेना का कहना है कि तीनों शव हमास के एक सुरंग से मिले, जिन लोगों के शव मिले हैं, उनकी पहच हनान याब्लोंका, मिशेल निसेनबाम और ओरियन हर्नांडेज़ के रूप में हुई है. गाजा से बीते हफ्ते भी तीन इजरायली बंधकों के शव मिले थे. पिछले साल 7 अक्टबूर को फिलिस्तीन के हथियारबंद संगठन हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 लोग को मार डाला था.
आईडीएफ प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा, ''भारी मन से मैं यह साझा कर रहा हूं कि शुक्रवार की रात गाजा में इजरायली विशेष बलों ने हमारे बंधकों हनान याब्लोंका, मिशेल निसेनबाम, ओरियन हर्नांडेज़ के शव बरामद किए हैं. सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष अभियान के दौरान उनके शव मिले हैं. हनान नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था. हमास के आतंकी हत्या करके उसका शव गाजा ले गए थे.''
उधर आईसीजे ने कहा है कि इजरायल को रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को तुरंत रोक देना चाहिए. इससे फिलिस्तीनियों को खतरा है. आईसीजे ने इजरायल को फैसले पर उठाए जाने वाले कदमों को लेकर एक महीने के अंदर रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है. पीठासीन न्यायाधीश नवाफ सलाम ने कहा, ''कोर्ट का मानना है कि नरसंहार कन्वेंशन के तहत इजराइल को गाजा के रफाह में तुरंत अपने सैन्य अभियान को रोक देना चाहिए.''
दरअसल हाल के दिनों में इजरायल ने रफाह में सैन्य अभियान को तेज किया है. इजरायल का दावा है कि मिस्र और गाजा के सीमा पर मौजूद रफाह में हमास के कई ब्रिगेड सक्रिए हैं जिसे खत्म करना जरूरी हैं. वहीं अमेरिका समेत कई मानवीय संगठन इस बात की आशंका जता चुके हैं कि रफाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान से हज़ारों फिलिस्तीनियों की जान जा सकती है.. फिलहाल रफाह में 10 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनियों ने शरण ले रखी हैं.

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