
ट्रंप की धमकियों के बाद क्यूबा अलर्ट, ईंधन संकट के बीच शुरू की युद्ध की तैयारी
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अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद क्यूबा ने अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाते हुए शर्त रखी है कि या तो क्यूबा अमेरिकी शर्तें माने या सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे.
वेनेजुएला और ईरान में सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका क्यूबा पर हमला कर सकता है. ऐसी खबरों की दुनियाभर के अखबारों में भरमार है. और इन खबरों को हवा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप समय-समय पर देते रहे हैं. अब ट्रंप की इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए क्यूबा ने अमेरिकी हमले से बचने की तैयारी शुरू कर दी है.
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि या तो क्यूबा अमेरिकी शर्तों को मानते हुए वॉशिंगटन से समझौता कर ले या फिर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे. ऐसे में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने कहा कि ये तैयारी आक्रामक नहीं, बल्कि रक्षात्मक होगी. क्यूबाई राष्ट्रपति ने अपने लोगों से अमेरिका के हमलों के लिए तैयार रहने की अपील की.
इससे पहले क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने कहा था कि टकराव को टालने के लिए अमेरिकी प्रशासन से बातचीत चल रही है. इन वार्ताओं का मकसद दोनों देशों के बीच के मतभेदों को बातचीत के जरिए हल करना बताया गया था.
बीते शनिवार को अमेरिकी से चल रही बातचीत की जानकारी क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने भी दी थी. उन्होंने कहा था कि उनका देश टकराव को टालने के लिए हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन क्यूबा के राजनीतिक ढांचे और राष्ट्रपति पद को लेकर कोई बातचीत नहीं होगी.
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दरअसल अमेरिका की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वो क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल को पद से हटाने की शर्त पर समझौता चाहता है.

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