
होर्मुज पर हमला? सवाल ट्रंप के ‘ओपन सीक्रेट’ का नहीं, आगे की तबाही का है
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डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.
खबर ये नहीं है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट पर हमला करने वाले हैं. दुनिया इसी को लेकर सहमी बैठी है कि ये ऑयल लाइफलाइन क्या पूरी तरह कटने जा रही है? और यदि ऐसा होगा तो दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?
फारस की खाड़ी का वह संकरा समुद्री रास्ता, जिसे दुनिया होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के नाम से जानती है, इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है. कहने को तो यह महज 33 किलोमीटर चौड़ा एक जलमार्ग है, लेकिन दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. आज यही रास्ता अमेरिका और ईरान के बीच मूंछ की लड़ाई बन गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' तो शुरू कर दिया, लेकिन हकीकत यह है कि यह पूरी जंग अब होर्मुज के इसी संकरे रास्ते पर आकर अटक गई है. ट्रंप अब दक्षिणी ईरान और होर्मुज पर एक ऐसे बड़े हमले की तैयारी में हैं, जिससे इस पूरे इलाके पर अमेरिकी कब्जा हो सके. होर्मुज की लड़ाई ट्रंप जीते न जीतें, दुनिया की इसमें हार ही है.
ट्रंप की दोहरी चाल: बातचीत का छलावा और हमले की तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप की राजनीति हमेशा से 'प्रिडिक्टिबिलिटी' (पूर्वानुमान) के खिलाफ रही है. एक तरफ वे सोशल मीडिया पर दावा करते हैं कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं और ईरान के साथ मिलकर होर्मुज की निगरानी करना चाहते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिका ने ईरान के तट की ओर अपने तीन बड़े युद्धपोत रवाना कर दिए हैं, जिन पर 4,500 से ज्यादा मरीन कमांडो सवार हैं.
यह विरोधाभास ट्रंप की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है. वे दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि वे शांति के पक्षधर हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी तैयारी एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' से कहीं बड़ी है. मरीन कमांडोज की यह तैनाती इशारा कर रही है कि अमेरिका अब सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह जमीन पर कब्जा करने या कम से कम तटीय इलाकों को अपने नियंत्रण में लेने की फिराक में है.
होर्मुज की नाकेबंदी: ईरान का अभेद्य किला और ट्रंप की बेचैनी

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5 दिनों के युद्ध विराम के दावे की धज्जियां उड़ा दी है. रेजाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जंग थमेगी नहीं बल्कि और तेज होगी साथ ही उन्होनें चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्स्ट्रराक्चर को अगर छुआ भी गया तो अमेरिका को गहरी चोट मिलेगी.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं.इधर इराक बगदाद में विक्टोरिया हवाई अड्डे पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है. जानकारी के मुताबिक इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने विक्टोरिया बेस को निशाना बनाकर हमला किया. यहां पर अमेरिकी सेना तैनात है.

इजरायल पर ईरान के हमले जारी हैं. ईरान ने ऐसे ही एक हमले का वीडियो जारी किया है. ये वीडियो तेल अवीव पर मिसाइल दागने का बताया जा रहा है. इजरायल की एम्बुलेंस सर्विस की मानें तो ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में 16 लोग मारे गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में ईरानी मिसाइल हमले में 4 फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत हो गई.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.








