
Guru Purnima 2022: गुरु पूर्णिमा पर 12 साल बाद बना अद्भुत संयोग, राजयोग में ऐसे करें गुरु पूजन
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गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन को सही दिशा मिलती है. गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा और उनका सम्मान करने की परंपरा है. इस दिन दान-पुण्य करना भी श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा, देव गुरु बृहस्पति पूजन का भी विशेष महत्व होता है.
गुरु पूर्णिमा पर आज एक बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा पर करीब 12 साल बाद देव गुरु बृहस्पति का मीन राशि पर केंद्र योग बन रहा है. इसलिए इस बार गुरु पूर्णिमा का महत्व अधिक हो गया है. इस शुभ घड़ी में गुरु पूजन बड़ी ही उत्तम और फलदायी रहेगा. गुरु पूर्णिमा पर दान-धर्म के कार्यों का भी विशेष महत्व होता है.
गुरु पुर्णिमा का महत्व गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन को सही दिशा मिलती है. गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा और उनका सम्मान करने की परंपरा है. इस दिन दान-पुण्य करना भी श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा, देव गुरु बृहस्पति पूजन का भी विशेष महत्व होता है. गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेदव्यास की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है.
ज्योतिषियों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा पर आज ग्रहों की एक और विशेष स्थिति भी बन रही है. पूर्णिमा तिथि पर पांच ग्रह अपनी ही राशि में रहेंगे. पूर्णिमा पर मंगल से शनि तक सभी ग्रह अपनी-अपनी राशि में रहेंगे. ग्रहों के सेनापति मंगल स्वराशि मेष में रहेंगे. बुध अपनी ही राशि मिथुन में रहेंगे. बृहस्पति अपनी राशि मीन में रहेंगे. इसी तरह शुक्र और शनि क्रमश: वृष और मकर राशि में रहेंगे.
पूर्णिमा पर चार शुभ योग इस साल गुरु पूर्णिमा की शुरुआत राजयोग में हुई है. पूर्णिमा तिथि हंस महापुरुष योग से शुरू हुई है. साथ ही, आज इंद्र, श्रीवत्स और बुधादित्य योग भी बन रहा है. सूर्य और बुध जब एक ही राशि में आते हैं तो बुधादित्य योग का निर्माण होता है. यह समय भी बहुत लाभकारी है. इस दिन गुरु मंत्र का जाप करने से जीवन में सफलता प्राप्त होगी.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.











