
Guru Purnima 2022: गुरु के सामने भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां
AajTak
गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेदव्यास को समर्पित है और इस दिन देवगुरु बृहस्पति की भी पूजा की जाती है. गुरु पूर्णिमा के कुछ खास नियम भी होते हैं. आइए आज गुरु पूर्णिमा पर उन गलतियों के बारे में बताते हैं जो कभी गुरु के सामने नहीं करनी चाहिए.
आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है. शास्त्रों में गुरु को ईश्वर से भी बड़ा दर्जा दिया गया है, इसलिए इस दिन गुरू पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. यह दिन महर्षि वेदव्यास को समर्पित है और इस दिन देवगुरु बृहस्पति की भी पूजा की जाती है. गुरु पूर्णिमा के कुछ खास नियम भी होते हैं. आइए आज गुरु पूर्णिमा पर आपको उन गलतियों के बारे में बताते हैं जो कभी गुरु के सामने नहीं करनी चाहिए.
1. शास्त्रों के अनुसार, गुरु के आसन पर शिष्य को कभी नहीं बैठना चाहिए. गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर होता है. इसलिए गुरु के आसन पर बैठना ना केवल गुरु का अपमान है, बल्कि ईश्वर की भी अवमानना है.
2. गुरु के समक्ष कभी किसी चीज का सहारा लेकर ना खड़े हों. उनके मुख की ओर कभी पैर करके ना बैठें. ऐसा करने से भी गुरु का अपमान होता है.
3. गुरु के सामने कभी अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें. अक्सर गुस्से में लोगों की जुबान से कुछ भी निकल जाता है. याद रहे कि गुरु के मन को ठेस पहुंचाने वाले अपशब्द कभी जुबान पर नहीं लाने चाहिए.
4. गुरु के सामने आकर कभी दौलत-शोहरत का रौब नहीं दिखाना चाहिए. याद रहे कि गुरु की वाणी का एक-एक शब्द आपकी तमाम संपत्ति पर भारी है. उनके ज्ञान का मोल कभी नहीं चुकाया जा सकता.
5. हमें भूलकर भी कभी गुरु की बुराई किसी और के आगे नहीं करनी चाहिए. यह घोर अनर्थ है. यदि कोई दूसरा व्यक्ति भी ऐसा कर रहा है तो संयमित होकर उसे रोकने का प्रयास करें.

Mangal Aditya Rajyog 2026:वैदिक ज्योतिष में मंगल और सूर्य की युति को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य आत्मा, नेतृत्व, सत्ता और आत्मविश्वास के कारक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है. जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि या भाव में साथ आते हैं, तो इससे अद्भुत शक्ति, आत्मबल और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है

Mauni Amavasya 2026 Date: माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पवित्र नदी या जलकुंड में स्नान और दान करने का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा कहते हैं कि मौनी अमावस्या पर दान-स्नान करने से इंसान के सारे पाप मिट जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.











