
Google ने फिर भारत में निकाले 453 कर्मचारी, सुंदर पिचाई ने ली फैसले की जिम्मेदारी!
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Google India Layoff: पिछले महीने ही गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने घोषणा की थी कि करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. ये छंटनी वैश्विक स्तर पर कंपनी के कुल हेडकाउंट का लगभग 6 फीसदी होता है. अब कंपनी ने भारत से 453 कर्मचारियों को बाहर कर दिया है.
दुनिया पर मंदी (Recession) के साये के बीच छंटनी (Layoff) का सिलसिला लगातार जारी है और फेसबुक, ट्विटर, अमेजन समेत कई बड़ी फर्मों से कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद हाल ही में Google भी इस रेस में शामिल हुआ था, अब एक बार फिर कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की है और ये भारतीय यूनिट्स से की गई है. बताया जा रहा है कि गूगल ने भारत में अपने 453 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है.
मेल के जरिए कर्मचारियों को सूचना बिजनेस टुडे पर छपी बिजनेसलाइन की रिपोर्ट की मानें तो इन 453 भारतीय कर्मचारियों (Google Indian Employee Layoff) के निकाले जाने की कार्रवाई गुरुवार रात की गई और मेल के जरिए जानकारी दी गई है. इस मेल को गूगल इंडिया (Google India) के कंट्री हेड और वाइस प्रेसिडेंट संजय गुप्ता की ओर से भेजा गया है. इस मेल में छंटनी के फैसले पर गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ भारतीय मूल के सुंदर पिचाई (Alphabet CEO Sundar Pichai) की सहमति का जिक्र भी किया गया है.
CEO सुंदर पिचाई ने ली जिम्मेदारी रिपोर्ट के मुताबिक, कई कारणों की वजह से गूगल में छंटनी का फैसला लिया गया है और Sundar Pichai इन सभी फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए सहमत हो गए हैं. साल की शुरुआत यानी जनवरी 2023 में ही गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई द्वारा भेजे गए नोट में उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका के बाहर Google के निकाले गए कर्मचारियों को स्थानीय नियमों के मुताबिक सपोर्ट मिलेगा. जहां एक ओर गूगल ने भारत में 453 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है, वहीं अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि वैश्विक स्तर पर कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, या टेक दिग्गज में और छंटनी होगी या नहीं.
12000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान बता दें कि पिछले महीने ही गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने घोषणा की थी कि करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. ये छंटनी वैश्विक स्तर पर कंपनी के कुल हेडकाउंट का लगभग 6 फीसदी होता है. भारत में की गई ये छंटनी भी इसी आंकड़े में शामिल है या फिर देश में कंपनी ने छंटनी का नया दौर शुरू कर दिया है, ये साफ नहीं हो सका है.
दिग्गज कंपनियों में ताबड़तोड़ छंटनी मंदी के खतरे के बीच कॉस्ट कटिंग का हवाला देते हुए दुनिया की दिग्गज कंपनियों में छंटनी की जा रही है और इसमें टेक कंपनियां सबसे आगे नजर आ रही हैं. गूगल के अलावा अमेजन ने अपनी वर्क फोर्स में 18,000 कर्मचारियों की कटौती का फैसला लिया, तो वहीं फेसबुक ने पहले 11,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया और अभी भी हजारों कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटकी हुई है. छंटनी की रेस में शामिल अन्य कंपनियों में ट्विटर, अलीबाबा, वॉलमार्ट समेत अन्य कई नाम शामिल हैं.

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