
Trump Warning On Kharg: तो क्या खत्म हो जाएगा खर्ग आइलैंड? ट्रंप की ईरान को वॉर्निंग, बोले- ऐसा करना...
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Trump Warning On Kharg Island: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने Iran Economy की रीढ़ माने जाने वाली खर्ग द्वीप पर मौजूद तेल पाइपलाइनों पर हमला करने के संकेत दिए हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. इस जंग के बीच खर्ग द्वीप (Kharg Island) चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जो ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और खुद ट्रंप ने इसे ईरान का क्राउन ज्वेल करार दिया है. बीते दिनों अमेरिकी हमले में यहां मौजूद सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का दावा राष्ट्रपति द्वारा किया गया और अब उन्होंने फिर से इस आइलैंड को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका सेना यहां मौजूद तेल पाइपलाइनों पर हमला कर सकती है. अगर ऐसा होता है, तो ये ईरान के लिए सबसे झटका साबित हो सकता है.
'हमने जानबूझकर तेल पाइपलाइन छोड़ीं' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फिर ईरान का बड़ी वॉर्निंग दी है. सोमवार को उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित तेल पाइपलाइनों पर हमला कर सकती है. हालांकि, ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका ने पिछले हमलों के दौरान जानबूझकर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने से परहेज किया था. उन्होंने बताया कि हमने द्वीप पर हमला किया था और उसे तबाह कर दिया, जिसमें वहां मौजूद तेल भंडार वाले क्षेत्र को छोड़कर सब कुछ नष्ट हो गया.
Trump बोले- सिर्फ 5 मिनट और फिर... डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, हमने Kharg Island पर मौजूद पाइपलाइनें छोड़ दी थी, हम ऐसा नहीं करना चाहते थे, लेकिन हमें ऐसा करना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह संयम आंशिक रूप से उस बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए था, जिसका उपयोग भविष्य में ईरान के पुनर्निर्माण के दौरान किया जा सकता है. मुझे लगता है कि हमने सही काम किया, लेकिन यह स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहेगी. ट्रंप ने कहा कि पाइपलाइन भी चली जाएंगी, हम 5 मिनट को नोटिस पर ऐसा कर सकते हैं, लेकिन इसे फिर से बनाने में लंबा समय लगेगा.
खर्ग द्वीप इतना अहम क्यों? बता दें कि ईरान का खर्ग द्वीप इसका मुख्य तेल टर्मिनल और ऑयल एक्सपोर्ट का सेंटर है. वैश्विक बाजारों में देश के कच्चे तेल के लगभग 90% शिपमेंट को यहीं से संभाला जाता है. इसे Iran Economy की रीढ़ भी कहा जाता है. फारस की खाड़ी में ईरानी दक्षिणी तट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित यह द्वीप तेल पाइपलाइनों, भंडारण सुविधाओं और बड़े सुपरटैंकरों को संभालने की क्षमता रखता है और गहरे पानी के लोडिंग जेट्टी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से इसे जोड़ता है. ये ईरान सरकार के लिए करीब 78 अरब डॉलर की रेवेन्यू मशीन है, इस आय का एक बड़ा हिस्सा ईरान की सैन्य क्षमता पर खर्च होता है.
Hormuz को लेकर फिर ट्रंप की अपील राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर अन्य देशों से होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर सहयोगी देशों से मदद की अपील की है. उन्होंने कहा कि हम उन अन्य देशों को प्रोत्साहित करते हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था इस समुद्री तेल रूट पर हमारी तुलना में कहीं अधिक निर्भर है, जबकि हमें इसके जरिए अपने तेल का सिर्फ 1% से भी कम प्राप्त होता है. जापान को 95%, चीन को 90% और कई यूरोपीय देशों को काफी मात्रा में यहां से तेल प्राप्त होता है. हम चाहते हैं कि वे होर्मुज के मामले में हमारी मदद करें. बता दें तमाम देशों ने ट्रंप के होर्मुज पर युद्धपोत भेजने के आग्रह को ठुकराकर उन्हें झटका दिया है.













