
Global Warning: ये तो होना ही था... ईरान-इजरायल ही नहीं, युद्ध के लपेटे में ये 40 बड़े देश, अब क्या होगा?
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Energy market crisis: ईरान-इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है, कहने को इसमें मुख्यतौर पर तीन देश युद्घ लड़ रहे हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से दुनिया के करीब 40 देश इस जंग में शामिल हैं. जिनकी अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है.
ईरान और इजरायल के बीच युद्ध रुक नहीं रहा है. भले ही अमेरिका लाख दावा करे लेकिन इस युद्ध से दुनियाभर में चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं. इस युद्ध का असर ईरान, इजरायल और अमेरिका तक सीमित नहीं है. आर्थिक जंग की चपेट में दुनियाभर के तमाम देश आ चुके हैं.
क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल, गैस, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन के जरिए एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. अब अगर युद्ध नहीं रुकता है तो इसका सीधा असर ऊर्जा बाजार, शिपिंग रूट, महंगाई और औद्योगिक उत्पादन पर पड़ता है. खासकर Strait of Hormuz जैसे रूट से दुनिया के लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल का व्यापार होता है. कई देशों में तेल-गैस की कमी होने लगी है.
ऐसी स्थिति से दुनिया के करीब 40 बड़े देशों में आर्थिक संकट गहरा सकता है, जो कि युद्ध का हिस्सा नहीं होते हुए भी उनपर आर्थिक चोट की पहुंचने वाली है, क्योंकि तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आने की संभावना है. तेल महंगा होने से सबकुछ महंगा होगा, महंगाई से लड़ना एक अलग ही युद्ध है, जिससे कोई नहीं बच सकता. नीचे 40 ऐसे देशों का नाम है, जिसपर संघर्ष का गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है.
1. United States: अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. भले ही वह खुद भी तेल उत्पादक है, लेकिन वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिकी बाजारों में महंगाई बढ़ जाती है. मिडिल-ईस्ट में युद्ध होने पर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और औद्योगिक उत्पादन महंगा हो जाता है. इसके अलावा अमेरिका की सैन्य और कूटनीतिक भागीदारी भी आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है.
2. China: चीन दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी आयातक देश है और वह मिडिल ईस्ट से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है. अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य या अन्य समुद्री रास्तों में बाधा आती है, तो चीन के उद्योग, परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं. इससे वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित होगी.
3. India: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80% आयात करता है. ईरान-इज़रायल संघर्ष की वजह से तेल कीमतों में उछाल आने पर भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे, जिससे महंगाई और व्यापार घाटा बढ़ सकता है. साथ ही, लाखों भारतीय मिडिल ईस्ट में काम करते हैं, इसलिए वहां अस्थिरता से रेमिटेंस पर भी असर पड़ सकता है.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






