
G-7: चीन का घेराव, गरीब देशों को वैक्सीन, 7 महाशक्तियों ने बनाया भविष्य का ब्लूप्रिंट
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G7 Summit Key Highlights: जी-7 समिट में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. बाइडेन ने कहा कि अमेरिका चीन के साथ सीधे तौर पर निपटेगा. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी 'कुछ हद' तक बाइडेन का समर्थन किया.
G-7 समिट के आखिरी दिन दुनिया की आर्थिक महाशक्तियों का कई बड़े मामलों पर जोर रहा. गरीब देशों को वैक्सीन, चीन को सबक, कोरोना महामारी, मानवाधिकार और बाजार समेत कई अहम मसलों पर G-7 के देशों ने चर्चा की. आइए जानते हैं G-7 समिट में क्या कुछ खास रहा, साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत दूसरे देशों ने कौन सी बड़ी बातें कहीं और देश-दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? G-7 देशों ने हर ओर से चीन को घेरा कोरोना वायरस महामारी को लेकर ब्रिटेन में हुए जी-7 समिट के दौरान सदस्य देशों ने वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए नई स्टडी की मांग की. जी-7 देशों ने मांग की है कि WHO एक्सपर्ट्स से कोरोना की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए एक पारदर्शी जांच फिर से कराए. ब्रिटेन ने कोरोना के वुहान लैब से वायरस के फैलने की आशंका को लेकर जांच की मांग की है.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











