
Explainer: UAE ने लिया एक बड़ा फैसला, मुस्लिम दुनिया के लिए कैसे बना उदाहरण?
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संयुक्त अरब अमीरात ने सिनेमाई रिलीज को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार की तरफ के कहा गया है कि अब फिल्मों की रिलीज पर किसी तरह का कोई सेंसर नहीं किया जाएगा. UAE की सरकार पिछले कुछ समय से अपने कई ऐसे कानूनों में बदलाव कर रही है जो खाड़ी के इस्लामिक देशों में मान्य हैं.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रविवार को घोषणा की कि वो अब सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों को सेंसर नहीं करेगा. यूएई का मीडिया नियामक प्राधिकरण अब फिल्मों में सेंसरशिप के बजाय उन्हें 21 प्लस रेटिंग में रिलीज करेगा. यूएई में अब पारंपरिक इस्लामिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले संवेदनशील दृश्यों को काटने के बजाय, उसे 21 प्लस रेटिंग दी जाएगी.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

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