
Exclusive: कमांडर के बिना कैसे ऑपरेट हो रहा हिज्बुल्लाह? अंडरग्राउंड मेंबर ने आजतक को बताया
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हिज्बुल्लाह एक सदस्य ने बताया, 'इजरायली हमले में जो कमांडर मारे गए, यह उनके रिटायरमेंट का समय था. अब जो नए कमांडर बनाए गए हैं वो युवा हैं और नई टेक्नोलॉजी के अधिक करीब हैं. उनके पास इजरायल के खिलाफ इस जंग को बड़ा करने को लेकर बेहतर प्लान हैं और नए तरीके हैं.'
इजरायल और लेबनान के आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई बढ़ती जा रही है. एक तरफ लेबनान में इजरायली सेना का ऑपरेशन जारी है तो वहीं हिज्बुल्लाह के हमलों से इजरायल में भी तनाव अपने चरम पर है. इस बीच हिज्बुल्लाह के रणनीतिक विश्लेषक अली हामी ने आजतक से बात की. अली हामी आईडीएफ के निशाने पर है और इस वक्त अंडरग्राउंड है.
अली हामी से पूछा गया कि पिछले तीन महीनों में आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व और कई शीर्ष कमांडरों को खत्म कर दिया है. ऐसे में यह संगठन के लिए कितना बड़ा झटका है? जवाब में उसने कहा, 'संगठन फिर खड़ा हो गया है. हिज्बुल्लाह ने खुद को नए प्लान और वैकल्पिक कमांड के साथ दोबारा खड़ा कर लिया है.'
'नए कमांडरों के पास बेहतर प्लान'
एक ऑडियो में उसने बताया, 'संगठन में एक कमांडर होता है और एक कमांडर इमरजेंसी के लिए होता है. इस इमरजेंसी कमांडर का भी एक विकल्प मौजूद होता है. ये हिज्बुल्लाह का आंतरिक ढांचा है. हिज्बुल्लाह एक कमांडर से दूसरे पर एक घंटे से भी कम समय में जा सकता है. हिज्बुल्लाह की कमांड लेवल पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'
उसने बताया, 'इजरायली हमले में जो कमांडर मारे गए, यह उनके रिटायरमेंट का समय था. अब जो नए कमांडर बनाए गए हैं वो युवा हैं और नई टेक्नोलॉजी के अधिक करीब हैं. उनके पास इजरायल के खिलाफ इस जंग को बड़ा करने को लेकर बेहतर प्लान हैं और नए तरीके हैं.'
हिज्बुल्लाह ने दागे 132 रॉकेट

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