
Exclusive: उमेश ने अतीक गैंग से बढ़ाई थीं नजदीकियां? MLA पूजा का दावा, बोलीं- करवा लें नार्को टेस्ट
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उमेश पाल की हत्या के बाद राजू पाल की विधायक पत्नी पूजा पाल ने कई हैरान कर देने वाली बातें कही हैं. उन्होंने कहा कि उमेश पाल नहीं रहे इसलिए उनका नार्को टेस्ट नहीं हो सकता, लेकिन मेरा नार्को टेस्ट करवा लिया जाए. उनकी मां का नार्को टेस्ट करवा लिया जाए तो पता चल जाएगा कि कौन अतीक अहमद से मिला था और कौन नहीं?
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई उमेश पाल की हत्या के बाद राजू पाल की विधायक पत्नी पूजा पाल ने Aajtak से बातचीत में कई हैरान कर देने वाली बातें कही हैं. उन्होंने अपने और उमेश के रिश्तों में आई खटास के साथ ही उमेश और अतीक के गुर्गों से नजदीकी से जुड़ी बातें कही हैं. कहा कि उमेश पाल नहीं रहे इसलिए उनका नार्को टेस्ट नहीं हो सकता, लेकिन मेरा नार्को टेस्ट करवा लिया जाए. उमेश की मां को पल-पल की जानकारी थी. उनका नार्को टेस्ट करवा लिया जाए तो पता चल जाएगा कि कौन अतीक अहमद से मिला था कौन नहीं, कौन अतीक अहमद का हमदर्द था और कौन नहीं.
विधायक पूजा पाल ने कहा कि राजू पाल मर्डर केस सीबीआई स्पेशल कोर्ट लखनऊ में चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड की सीबीआई से जांच करवाई और 2016 में ऑर्डर हुआ. 2019 में विवेचना पूरी होने पर केस सीबीआई स्पेशल कोर्ट पहुंचा था. इस केस में हमारा ट्रायल चल रहा है. उसमें हमारे बयान हो चुके हैं. क्रॉस जिरह भी हो चुकी है. अब गवाह रुखसाना, सादिक, ओम प्रकाश पाल की गवाही होगी. उमेश पाल पुलिस की तरफ से बनाए गए गवाह थे. उन्होंने अपने अपहरण का केस प्रयागराज में दर्ज करवाया था, जिसकी पैरवी कर रहे थे.
मेरी हत्या हुई तो मुकदमा बंद हो जाएगा
सुरक्षा मुहैया कराए जाने के मामले में पूजा पाल ने कहा, "बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह को यही नहीं मालूम है कि राजू पाल हत्याकांड में मैं वादी थी. सिद्धार्थ जी को हत्याकांड की याचिका पढ़नी चाहिए. मुझे और मेरे गवाहों को सुरक्षा की जरूरत है. मुझे भी डर है इसलिए मैं सुरक्षा की मांग करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जा रही हूं. मैं मांग करती हूं कि जिस तरह से अतीक अहमद से मैं लड़ी हूं, अब मुझे भी सुरक्षा की जरूरत है. अगर मेरी हत्या होती है तो राजू पाल मर्डर केस का मुकदमा बंद हो जाएगा."
उमेश पाल ने अतीक के पक्ष में गवाही दी
पूजा पाल ने कहा, "मैं घर में बोलूं या कहीं और, मैं सही बात बोलती हूं. इसलिए लोग मुझसे नाराज रहते हैं. रिश्ता ईमानदारी से निभाएंगे तो रिश्ता चलेगा. अगर इमानदारी से दुश्मनी करेंगे तभी लड़ पाएंगे. 6 महीने तक मैं उमेश पाल से बोलती रही लेकिन उन्होंने अतीक अहमद के पक्ष में गवाही दे दी. इससे हमारे रिश्ते में खटास आ गई. 2005 से लेकर 2016 तक उमेश पाल से मेरी बातचीत नहीं हुई. पूरा इलाका इस बात का गवाह है."

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