
EVM इस्तेमाल होने के बाद भी 99% क्यों दिखती है बैटरी? ECI ने दिया कांग्रेस के सवालों का जवाब
AajTak
कांग्रेस यह सवाल उठा रही थी कि मतदान में पूरे दिन इस्तेमाल के बाद भी कुछ सीयू में ईवीएम पावर पैक की स्थिति 99% क्यों दिखाई देती है? ईसीआई ने इस सवाल का भी जवाब दिया है. चुनाव आयोग ने अपने जवाब में इसकी जानकारी दी है.
ईवीएम को लेकर कांग्रेस के हालिया आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग (ECI) ने अपने FAQ सेक्शन में एक तकनीकी स्पष्टीकरण जारी किया है. ईसीआई ने ईवीएम बैटरी की स्थिति के बारे में बात करते हुये मशीनों के पावर डिजाइन और उनकी बैटरियों की खासियत बताई हैं.
दरअसल, कांग्रेस यह सवाल उठा रही थी कि मतदान में पूरे दिन इस्तेमाल के बाद भी कुछ सीयू में ईवीएम पावर पैक की स्थिति 99% क्यों दिखाई देती है? ईसीआई ने इस सवाल का भी जवाब दिया है. चुनाव आयोग ने अपने जवाब में बताया कि ईवीएम 5.5V और 8.2V के वोल्टेज के बीच बेहतर तरीके से काम करती है. 5.8V से कम वोल्टेज पर बैटरी बदलने के लिए अधिकारियों को सचेत करने के लिए प्रोग्राम होते हैं. भले ही बिजली का लेवल इन सीमाओं से बाहर हो जाए, लेकिन ईवीएम डेटा की इंटीग्रिटी पर प्रभाव नहीं पड़ता है.
ईसीआई ने इस बात पर जोर डाला कि इन पावर पैक की स्थापना बारीक निगरानी के साथ सीलबंद प्रक्रिया के साथ होती है. यह चुनावों के दौरान पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करती है. बैटरी की स्थिति का प्रतिशत प्रदर्शन शामिल करने के लिए हाल ही में अपडेट किए गए हैं, जो अधिकारियों को समय पर प्रतिस्थापन की योजना बनाने में सहायता करता है, जिससे मतदान के दौरान किसी भी व्यवधान को कम किया जा सके.
EVM बंद होने पर पावर पैक वोल्टेज पर प्रभाव?
दिलचस्प बात यह है कि ईसीआई ने यह भी बताया कि ईवीएम बंद होने पर पावर पैक वोल्टेज में थोड़ी रिकवरी हो सकती है. इसका श्रेय अल्कलाइन बैटरी की अंदरूनी गतिशीलता को जाता है, जहां अंदरूनी प्रतिरोध में कमी और इलेक्ट्रोड के पास जमा रसायनों के फैलाव से मतदान और मतगणना के दिनों के बीच वोल्टेज में आंशिक रिकवरी हो सकती है.
ईवीएम का संचालन ऑपरेटिंग वोल्टेज से स्वतंत्र है?

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.








