
Earth Quake In Kabul: काबुल में देर रात लगे भूकंप के झटके, 4.1 की तीव्रता से हिली धरती
AajTak
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. जानकारी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई है. भूकंप की वजह से फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है.
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. जानकारी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई है. भूकंप की वजह से फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है.
काबुल में देर रात को लोग अपने घरों में थे. सोने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान धरती हिलने लगी. लोगों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में लोग घरों के बाहर निकल आए. 4.1 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाले भूकंप की वजह से घरों में अलमारियों में रखी चीजें गिरने लगीं. गनीमत रही कि भूकंप की वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
भूकंप विज्ञान के लिए राष्ट्रीय केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक रात 11 बजे काबुल में भूकंप के झटके महसूस किए गए है. भूकंप का केंद्र राजधानी काबुल से 139 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है.
ताइवान में भी लगे थे भूकंप के झटके
हालांकि रविवार का दिन ताइवान के लिए भी मुसीबत भरा रहा. ताइवान में 24 घंटे में तीन भयानक भूकंप के झटके लगे. इन भूकंपों के मद्दनेजर जापान ने सुनामी अलर्ट जारी किया है. ताइवान के मौसम ब्यूरो ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी इलाके में स्थित ताइतुंग काउंटी में भूकंपों का केंद्र दिख रहा है. शनिवार को इसी इलाके में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था. फिर रविवार की सुबह 6.8 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद इसी जगह पर दोपहर में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया. जो ताइतुंग की सतह से 10 किलोमीटर जमीन के अंदर पैदा हुआ था.
ये भी देखें

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











