
DU के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा को राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक
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साई बाबा फिलहाल जेल में बंद हैं. उन्हें मई 2014 में नक्सलियों के साथ कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी से पहले व्हीलचेयर से चलने वाले प्रोफेसर साई बाबा दिल्ली विश्वविद्यालय के राम लाल आनंद कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाते थे.
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागुपर पीठ ने माओवादियों से कथित संबंध मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के पूर्व प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा और पांच अन्य को बरी कर दिया है.
गढ़चिरौली कोर्ट ने 2017 में साईबाबा और अन्य को दोषी करार दिया था. इसके बाद से ये सभी जेल में बंद हैं. इन छह लोगों में से एक पांडु नरोटे की मौत हो चुकी है.
नक्सलियों से कनेक्शन मामले में 2014 में हुई थी गिरफ्तारी
साई बाबा फिलहाल जेल में बंद हैं. उन्हें मई 2014 में नक्सलियों के साथ कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी से पहले व्हीलचेयर से चलने वाले प्रोफेसर साई बाबा दिल्ली विश्वविद्यालय के राम लाल आनंद कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाते थे.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हेम मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद साई बाबा पर शिकंजा कसा गया था. हेम ने जांच एजेंसियों के सामने दावा किया था कि वह छत्तीसगढ़ के अबुजमाड़ के जंगलों में छिपे हुए नक्सलियों और प्रोफेसर के बीच एक कूरियर के रूप में काम कर रहे थे.
जीएन साईंबाबा 90 प्रतिशत शारीरिक रूप से अक्षम हैं. उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. इस मामले में पांच अन्य को भी सजा सुनाई गई थी.

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